जलालपुर के नगरपुर में गोकश पिता-पुत्र का मकान।
अंबेडकरनगर। कटका थाना क्षेत्र में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में न्यायालय ने करीब 13 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति को राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया है। यह संपत्ति गोकशी और मांस तस्करी जैसे अपराधों से अर्जित की गई थी। आदेश गैंगस्टर कोर्ट के न्यायाधीश परविंद कुमार ने शुक्रवार को जारी किया।
पुलिस ने 2022 में जलालपुर के नगपुर निवासी अब्दुल रकीब उर्फ पेहटुल, उसका पुत्र अरसे आलम और भियाव निवासी तनवीर अहमद के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। तीनों पर गोकशी व मांस तस्करी का गिरोह चलाने का आरोप है। गिरोह के खिलाफ कटका, मालीपुर समेत अन्य थानों में कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। एसपी केशव कुमार ने बताया कि यह गैंग के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई है। अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त कर राज्य सरकार में निहित करने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। ऐसे मामलों में कड़ी पैरवी की जाएगी।
तीनों की संपत्ति पहले ही की जा चुकी थी कुर्क
प्रशासन ने वर्ष 2023 में डीएम के आदेश पर तीनों आरोपियों की अवैध संपत्तियां कुर्क की थीं। इसमें अब्दुल रकीब की 5 करोड़, अरसे आलम की 7 करोड़ और तनवीर अहमद की लगभग 1 करोड़ रुपये की संपत्ति शामिल थी। कुल मिलाकर करीब 13 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति कुर्क की गई थी। अब कोर्ट ने इन्हें राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया है।