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Ambedkar Nagar News: सरयू नदी में नहाने गए ममेरे भाइयों की डूबकर मौत

Fri, 09 May 2025 11:00 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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अभिनाश
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राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी के माझा कम्हरिया कछार में शुक्रवार को नहाने गए ममेरे भाई गहरे पानी में चले गए। साथ में नहाने आए अन्य किशोरों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों डूब चुके थे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकलवाया जा सका। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया है। हादसे के बाद से गांव में कोहराम मचा हुआ है।
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राजेसुल्तानपुर के मांझा कम्हरिया गांव के पुरवा नौका पूरा निवासी श्रीकांत यादव का नाती आजमगढ़ के नौबरार देवारा जदीद निवासी प्रियांशु (15) उन्हीं के घर रहकर पढ़ाई करता था। इस वह कक्षा आठ में था। परिजनों के मुताबिक शुक्रवार सुबह नौ बजे के करीब प्रियांशु अपने ममेरे भाई अभिनाश (17), गांव के गोलू (17), शिवम (15) व विशाल (13) के साथ गांव से एक किलोमीटर दूर सरयू नदी में स्नान करने गए थे। स्नान करने के दौरान प्रियांशु अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे डूबता देख अभिनाश बचाने के लिए पहुंचा, लेकिन गहराई ज्यादा होने के चलते प्रियांशु और अभिनाश दोनों पानी में समा गए। उनको डूबता देख शिवम और गोलू ने शोर मचाया। जब तक आसपास के लोग उन्हें बचाने पहुंच पाते तब तक दोनों लहरों में खो चुके थे। ग्रामीणों ने दोनों की नदी में तलाश शुरू कर दी।
कुछ दूर बार ही पुलिस भी वहां पहुंच गई। इसके बाद स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया। गोताखोरों ने एक घंटे बाद दोनों किशोरों को बाहर निकाला। परिजन दोनों को लेकर सीएचसी जहांगीरगंज पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। ममेरे भाइयों की मौत से गांव में कोहराम मच गया। जानकारी लगते ही एसडीएम आलापुर सुभाष सिंह, सीओ आरबी सिंह, तहसीलदार धर्मेंद्र यादव, थाना प्रभारी विजय तिवारी भी पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
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इकलौता पुत्र था प्रियांशु
प्रियांशु अपने माता पिता का इकलौता बेटा था। पिता प्रमोद यादव खेती बाड़ी करते हैं, जबकि नाना श्रीकांत पूर्व प्रधान हैं और अपने इकलौते नाती को बेहतर शिक्षा देने के लिए अपने पास ही रखा है। इकलौते नाती की मौत से श्रीकांत यादव की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। प्रियांशु की मां मीरा बेटे का शव देख अचेत हो गईं। वह कह रही थीं कि अब किसे बेटा बुलाऊंगी। मेरा तो सब कुछ उजड़ गया।

बात मान जाते तो शायद बच जाती जान
सुबह जब प्रियांशु और अभिनाश नदी में स्नान करने के लिए तैयार हो रहे थे तो अभिनाश के बाबा मंगरू ने प्रियांशु और अभिनाश को नदी में नहाने जाने से रोका और निमंत्रण में चलने की बात कही थी, लेकिन दोनोंं नहीं माने और नहाने के लिए चले गए। मौत की सूचना मिलते ही बाबा मंगरू फफक-फफक कर रोते हुए कहते सुनाई पड़े कि काश उन्होंने बच्चों को नहाने जाने के लिए सख्ती से रोक लिया होता तो दोनों की जान बच जाती। अविनाश की मां बिंदू व भाई अभिषेक, बहन अन्नू के आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे।
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वर्जन
रिपोर्ट आने पर दी जाएगी सहायता
दोनों किशोरों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद पीड़ित परिवार को नियमानुसार सहायता प्रदान की जाएगी।
सुभाष सिंह, एसडीएम आलापुर
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