मालीपुर। जनपद न्यायालय में कार्यरत अमीन आशीष शुक्ला हत्याकांड में वांछित अभियुक्त को पुलिस ने अकबरपुर से गिरफ्तार करने की सफलता हासिल की है। पूछताछ के बाद न्यायालय ले जाया गया, जहां से कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
गौरतलब है कि बीते 28 नवंबर को उस समय हड़कंप मच गया जब थाना क्षेत्र के मझुई नदी में पन्नी में लिपटा एक शव मिला। स्थानीय ग्रामीणों की मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उसकी तथाकथित पत्नी सोनू शुक्ला ने आशीष के गुमशुदा होने की तहरीर अकबरपुर कोतवाली में दी थी। बाद में संदेह होने पर पुलिस ने उसी समय तथाकथित पत्नी सोनू को हिरासत में ले लिया था। पूछताछ में सोनू ने पुलिस को गुमराह करने का असफल प्रयास किया और तमाम तरह के बयान देती रही। हालांकि पुलिस द्वारा कड़ाई से की गई पूछताछ में वह टूट गई। बताया कि आशीष द्वारा आये दिन उसके साथ मारपीट की जाती थी।
इससे तंग आकर उसने प्रेमी आनंद तिवारी के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया। बाद में शव को आरडी लाज के एक कर्मचारी मूल सजीवन पाण्डेय और मालिक राजीव कुमार तिवारी उर्फ राजू द्वारा उसी के निजी कार से नेमपुर घाट स्थित मझुई नदी में लाकर फेेंक दिया। इसके बाद कार दोस्तपुर कोतवाली क्षेत्र के पूर्वांचल एक्सप्रेस के निकट लावारिस हालात में छोड़कर आरोपी फरार हो गए। हालांकि घटना के कुछ ही घंटे बाद पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर तीन आरोपियों को जेल भेज दिया था। मामले में एक आरोपी राजीव तिवारी की तलाश थी। इस बीच बीते बुधवार को पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अदालत से गैर जमानती वारंट जारी करवा दिया। बुधवार को ही मुखबिर की सूचना पर रात 11 बजे थानाध्यक्ष विवेक वर्मा ने पुलिस टीम के साथ आरडी लॉज के पास से अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष विवेक वर्मा ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। बाद में उसे जेल भेज दिया गया।