अंबेडकरनगर। करीब आठ वर्ष पहले हुई दहेज हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम ने सोमवार को दोषी पति को आठ वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अभियुक्त पर 7 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। आदेश में कहा गया है कि जुर्माने की रकम अदा न की गई तो दो माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।
वर्ष 2011 में फैजाबाद जिले के महराजगंज थाना क्षेत्र के मड़ना गांव निवासी भागीरथी पत्नी काशीराम ने अहिरौली थाने में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर के माध्यम से पुलिस को बताया कि अहिरौली थाना क्षेत्र के बराही निवासी रामआशीष राजभर पुत्र नन्हकू ने उनकी पुत्री सरिता से कोर्ट मैरिज की थी। 27 जुलाई 2011 को सूचना मिली की उनकी पुत्री की मौत हो गई है। जानकारी होने पर वे गांव पहुंचीं तो पता चला कि पुत्री को उसके पति ने जलाकर मार दिया है। अहिरौली पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया।
इसके बाद आरोपी पति रामआशीष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस बीच मामला सत्र परीक्षण के लिए अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम निरुपमा विक्रम के समक्ष पेश हुआ। सहायक शासकीय अधिवक्ता दिलीप कुमार सिंह ने न्यायाधीश के समक्ष काफी मजबूती से पक्ष रखा। कई साक्ष्य व गवाह भी पेश किए। न्यायाधीश ने पति को दोषी मानते हुए आठ वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।