फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संदिग्ध हालात में दंपती व बेटे की जलकर मौत

Thu, 25 Feb 2016 11:11 PM IST
अंबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूराे
विज्ञापन
विज्ञापन
अकबरपुर कोतवाली अंतर्गत शहजादपुर के पंडाटोला मोहल्ले में गुरुवार को एक ही परिवार के तीन सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मौत हो गई। पति, पत्नी व युवा बेटे के शव इतनी बुरी तरह जल चुके थे कि उनका कंकाल ही पुलिस को मौके पर मिला। घर के सभी दरवाजे अंदर से बंद थे। पुलिस के पहुंचने से पहले रिश्तेदारों ने सीढ़ी का दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना को शॉर्ट सर्किट का परिणाम बताया है। स्टेशनरी की दुकान चलाने वाले घर के मुखिया पर कर्ज का दबाव होने की बात भी सामने आई है। कई अन्य तरह की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं। पुलिस भले ही इस घटना को शॉर्ट सर्किट बता रही हो, लेकिन लोग इसे सहज ढंग से स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन


गुरुवार सुबह पंडाटोला के कुछ लोगों ने मोहल्ला निवासी राजेश त्रिपाठी के घर से धुआं निकलते देखा, तो उन्हें किसी अनहोनी की आशंका हुई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग घर के सामने एकत्र हो गए। घर का दरवाजा अंदर से बंद था। इसलिए कोई अंदर नहीं जा सका। पड़ोसियों ने छत के सहारे देखा, तो सीढ़ी का भी दरवाजा अंदर से बंद था। सूचना पुलिस को दी गई। इसी बीच राजेश के कुछ रिश्तेदार भी पहुंच गए। पुलिस के पहुंचने से पहले ही दरवाजा तोड़कर लोग अंदर पहुंचे, तो वहां का दृश्य हैरान कर देने वाला था। जमीन पर राजेश (42) व पत्नी मंजू (38) तथा उनके इकलौते पुत्र शुभम उर्फ आशू (19) के बुरी तरह जले हुए शव पड़े थे। शव इस कदर जल गए थे कि कंकाल ही बचे थे। सीओ सिटी यूपी सिंह व कोतवाल महेंद्र भी पुलिस बल के साथ इसी बीच मौके पर पहुंचे। कुछ देर में ही डीएम विवेक व एसपी अजय कुमार सिंह समेत एएसपी राहुल राज भी घटनास्थल पहुंच गए। आसपास के लोगों व रिश्तेदारों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी प्रकार के विवाद की कोई जानकारी सामने नहीं आई।

पुलिस की छानबीन में पता चला कि राजेश ने नगर के पहितीपुर रोड पर स्टेशनरी की दुकान कर रखी थी। पहले उनकी दुकान पुराने तहसील तिराहा पर थी, लेकिन इन दिनों पहितीपुर रोड पर ही वे व्यवसाय कर रहे थे। दंपती को एक पुत्र शुभम ही था, जो बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र था। पुलिस ने अपनी शुरुआती जांच में इसे शॉर्ट सर्किट का परिणाम बताया है। हालांकि आमतौर पर लोग अभी इस थ्योरी को सच नहीं मान पा रहे हैं। लोगों के मुताबिक राजेश पर कर्ज का कुछ दबाव था। इसे लेकर वे परेशान भी रहते थे। कुछ लोगों का कहना है कि सिर्फ शॉर्ट सर्किट को ही मानकर चुप नहीं बैठ जाना चाहिए। सीढ़ी का दरवाजा काफी कमजोर था और उसे छत के सहारे भी बंद किए जाने की गुंजाइश थी। इसके अलावा लोग इसलिए भी इस पूरे मामले को शक की निगाह से देख रहे हैं क्योंकि तीनों शव जलकर कंकाल में तब्दील हो गए लेकिन आसपास के लोगों को सुबह आठ बजे तक कोई खबर ही नहीं हो पाई। अकबरपुर कोतवाल महेंद्र ने बताया कि यह शॉर्ट सर्किट का मामला है। सीओ सिटी उदयसिंह ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में ही रिश्तेदारों ने दोनों दरवाजे तोड़े है। ऐसे में किसी साजिश की आशंका नजर नहीं आती।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें