अंबेडकरनगर। जिले में कोरोना को प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है। आम नागरिक भी अब इससे बचाव के लिए सभी एहतियात बरत रहे हैं। इन सबके बीच कुछ ऐसे भी योद्धा हैं, जो अपनी जान जोखिम में डालकर आमजन को कोरोना से बचाने के लिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी के साथ कर रहे हैं। कोई एहतियात बरतकर मरीजों का समुचित इलाज सुनिश्चित कर रहा है, तो कोई मरीजों की जांच कर रहा है। मरीजों को समय पर दवाएं उपलब्ध हो सकें, इसके लिए पूरी गंभीरता दिखा रहे हैं तो कोई कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए तपिशभरी धूप में, जब आमजन घरों में कैद रहते हैं, तो सड़क पर उतरकर कड़ी धूप में सैनिटाइज करते हैं। ऐसे कोरोना योद्धाओं से रविवार को अमर उजाला टीम ने वार्ता की, तो उन्होंने कुछ इस प्रकार से अपनी बात कही।
मरीजों का समुचित इलाज कराना है धर्म
एंबुलेंस कर्मचारी श्रवण कुमार पांडेय ने कहा कि वैसे तो उनका काम खतरे से भरा रहता है, लेकिन मरीजों का समय पर इलाज हो सके, इसके लिए मैं पूरी तत्परतापूर्वक कार्य करता हूं। मरीजों का समुचित इलाज कराना धर्म है। हालांकि इस दौरान मैं खुद की सुरक्षा पर भी पूरा फोकस रखता हूं। हाथ में ग्लब्स रहते हैं, तो सैनिटाइजर साथ रखते हैं। मरीज को अस्पताल ले जाते समय सभी जरूरी एहतियात बरतते हैं।
मरीजों की एक्स-रे जांच करना प्राथमिकता
एक्स-रे टेक्नीशियन सीपी पांडेय ने कहा कि एक्स-रे के लिए विभिन्न प्रकार के मरीज आते हैं। कोरोना संक्रमण के केस तेजी के साथ सामने आ रहे हैं, लेकिन मेरी पहली प्राथमिकता आने वाले मरीजों की एक्स-रे जांच करना है। इस दौरान सभी प्रकार के एहतियात भी बरतते हैं। शाम को जब घर जाते हैं, तो कुछ देर तक परिवार से अलग रहते हैं। हालांकि इस दौरान कभी-कभी परिवार से अलग रहने का दर्द भी होता है।
एहतियात के बीच करते हैं इलाज
चिकित्सक डॉ. मनोज शुक्ला ने कहा कि कोरोना के इस संकट में मरीजों का सुचारु रूप से इलाज भी करना है और खुद को भी सुरक्षित रखना है। ड्यूटी के दौरान पीपीई किट पहने रहता हूं। समय-समय पर खुद को सैनिटाइज करता रहता हूं। ड्यूटी के बाद जब घर जाते हैं, तो बाहर ही कपड़े उतार देते हैं और गुनगुने पानी से नहाते हैं। कम से कम एक घंटे तक खुद को कमरे में बंद कर लेते हैं। इसके बाद ही परिवार के साथ मिलकर चाय नाश्ता करते हैं।
सावधानी बरत कर रहे टीकाकरण
स्वास्थ्य कर्मी साधना यादव ने कहा कि हमारी ड्यूटी वैक्सीनेशन में लगी है। इस दौरान काफी एहतियात बरतने की आवश्यकता होती है। कोरोना संक्रमण से जंग जीतने के लिए आने वाले नागरिकों को सभी प्रकार के एहतियात बरतकर टीका लगाते हैं। बाद में जब घर जाते हैं, तो गुनगुने पानी से नहाने के बाद काढ़ा पीते हैं। इस दौरान लगभग एक घंटे तक खुद को कमरे में बंद रखते हैं।
मरीजों के इलाज को उठा रहे जरूरी कदम
स्टाफ नर्स रीता देवी ने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच मरीजों को समुचित इलाज सुनिश्चित हो सके, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। कोरोना से बचाव के साथ मरीजों की समुचित देखभाल भी की जाती है। ड्यूटी के बाद जब घर जाते हैं, तो सबसे पहले गुनगुने पानी से नहाने के बाद खुद को सैनिटाइज करते हैं। गर्म पानी पीते हैं। दो घंटे तक अलग रहने के बाद ही परिवार से मिलते हैं।
सावधानी से कर रहे सैनिटाइजेशन
जिला अग्रिशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने कहा कि कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए वे व उनकी टीम लगातार जिला मुख्यालय से लेकर जिले के अन्य क्षेत्रों को सैनिटाइज कर रही है। इस दौरान सभी प्रकार के एहतियात बरते जाते हैं। कार्य निपटाने के बाद आवास पर पहुंचकर कपड़े गुनगुने पानी में डाल देते हैं। इसके बाद गुनगुने पानी से नहाते हैं।
ईमानदारी से कर रहे कर्तव्य का निर्वहन
अग्रिशमन के द्वितीय अधिकारी सचिन शर्मा ने कहा कि आम नागरिक कोरोना संक्रमण से बचा रहे, इसके लिए खुद की जान जोखिम में डालकर सैनिटाइजेशन का कार्य कर रहे हैं। पूरी ईमानदारी से कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। कभी-कभी तो डर लगता है, लेकिन फिर आमजन निगाह में आ जाते हैं। इस समय उन्हें हम सब की बहुत जरूरत है। ऐसे में सभी प्रकार के एहतियात बरतकर सैनिटाइजेशन का कार्य करते हैं।