अंबेडकरनगर। पंचायत चुनाव में दो-दो हाथ करने को तैयार प्रत्याशियों के बीच कोरोना कर्फ्यू का खौफ साफ देखने को मिला। रविवार को दिन भर लगे रहने वाले कोरोना कर्फ्यू के चलते नामांकन प्रभावित न होने पाए, इस आशंका में पहले ही दिन शनिवार को प्रधान और जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ने वाले ज्यादातर उम्मीदवार नामांकन करने पहुंच गए।
पंचायत चुनाव के लिए अंबेडकरनगर जनपद को चौथे चरण में शामिल किया गया। राज्य निर्वाचन आयोग ने तय किया कि 29 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा, जबकि 17 और 18 अप्रैल को नामांकन किया जाएगा। 18 अप्रैल को रविवार पड़ने के बावजूद यह स्पष्ट था कि अवकाश के बाद नामांकन की प्रक्रिया सुचारू ढंग से संपन्न होगी। चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों ने नामांकन की तैयारियां तेज कर रखी थीं कि इसी बीच राज्य सरकार ने 35 घंटे के कोरोना कर्फ्यू का एलान कर दिया। इसमें कहा गया कि कोरोना कर्फ्यू शनिवार रात 8 बजे से शुरू होकर लगातार 35 घंटे बाद सोमवार सुबह समाप्त होगा।
ऐसे में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों में यह असमंजस हो गया कि ऐसा न हो कि रविवार को कोरोना कर्फ्यू के चलते नामांकन प्रक्रिया ही प्रभावित हो जाए। असमंजस की यही स्थिति इसलिए भी हुई क्योंकि कोरोना कर्फ्यू को लेकर सोशल मीडिया पर जो कतिपय आदेश वायरल हुआ, उसमें कर्फ्यू के दौरान नामांकन प्रक्रिया का जिक्र नहीं था। हालांकि देर शाम तक शासन और प्रशासन की तरफ से यह स्पष्ट कर दिया गया कि कोरोना कर्फ्यू के बीच नामांकन की प्रक्रिया जारी रहेगी।
इसके बावजूद प्रत्याशियों के बीच कर्फ्यू की चिंता सिर चढ़कर बोलती दिखी। नतीजा यह रहा कि पहले ही दिन अनुमान से कहीं अधिक नामांकन पत्र दाखिल हुए। जिला पंचायत सदस्य के एक पद के लिए औसतन 13 से अधिक प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। कुल 41 सीट के लिए पहले ही दिन 554 दावेदारों ने पर्चे भर दिए। इसी तरह ग्राम प्रधान पद के नामांकन को लेकर भी दावेदार उमड़ पड़े। एक पद के लिए औसतन 7 से अधिक उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र जमा किया। प्रधान के कुल 902 पदों के लिए पहले ही दिन 6 हजार 622 नामांकन पत्र जमा होने को कोरोना कर्फ्यू का असर माना जा रहा है। (संवाद)