अंबेडकरनगर। जिला एवं सत्र न्यायालय चंद्रोदय कुमार ने वर्ष 2020 में हुई निजी बस में कंडक्टर की हत्या के मामले में उसके साथी खलासी असलम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस हत्याकांड को एकतरफा प्रेम में अंजाम दिया गया था।
सम्मनपुर क्षेत्र के मुस्तफाबाद गंगिला निवासी विजय कुमारी ने 26 सितंबर 2020 को अकबरपुर पुलिस को प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि उनका पुत्र उपेंद्र कुमार उर्फ लाला (21) निजी बस में कंडक्टर था। 22 सितंबर 2020 को बस से लखनऊ से वापस आया और तहसील तिराहे पर रात बस के खलासी मोहम्मद असलम निवासी दाउदपुर नलियाना सम्मनपुर के साथ उतरा था। इसके बाद उपेंद्र ने पत्नी शाहिदा बानो से फोन पर बात की और खाना बनाने की बात कह कर जल्द घर आने की जानकारी दी लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं पहुंचे थे।
शाहिदा बानो ने 25 सितंबर को अकबरपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि असलम गांव में घूम-घूम कर लोगों से कह रहा है कि मैंने अपना बदला ले लिया है। असलम की शादी की बात पहले शाहिदा बानो से चल रही थी, लेकिन शाहिदा ने उपेंद्र के साथ प्रेम विवाह कर लिया था।
पुलिस ने छानबीन शुरू की और 26 सितंबर को अकबरपुर के जौहरडीह क्रॉसिंग के पास झाड़ियों में शव मिला था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गवाहों और साक्ष्यों का परीक्षण कर असलम को दोषी माना। असलम को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ छह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
हत्यारोपी असलम। स्रोत ग्रामीण