अंबेडकरनगर। जिले के दो हजार 49 विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को दोपहर का भोजन परोसने वाली 4950 रसोइया मजदूर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्हें तीन माह से मानदेय नहीं मिल सका है। रसोइया मजदूर मानदेय का भुगतान करने की गुहार लगा रही हैं।
रसोइया मजदूरों को प्रतिमाह दो हजार रुपये मानदेय मिलता है। उन्हें अप्रैल, जुलाई व अगस्त माह का मानदेय अब तक नहीं मिल सका है। मई व जून माह का मानदेय विद्यालयों में अवकाश रहने के चलते नहीं मिलता है। तीन माह का मानदेय नहीं मिलने से रसोइयों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। रसोइया मजदूर संगीता देवी, राधा, सुचिता, तारा देवी, सुशीला आदि ने बताया कि महंगाई की तुलना में मिलने वाला मानदेय काफी कम है।
इसके बाद भी समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। ऐसे में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। एमडीएम प्रभारी सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि इस संबंध में शासन को पत्र भेजा गया है। शीघ्र ही मानदेय का भुगतान होने की उम्मीद है।