बांदा-टांडा हाईवे पर ओवरलोड ट्राला।
अंबेडकरनगर। गन्ने की ढुलाई करा रहे ठेकेदारों का पूरे जिले में काकस है। एक तरफ गन्ना लदे ओवरलोड ट्राला सड़क पर दौड़ रहे हैं, वहीं परिवहन विभाग के अधिकारियों की सेटिंग के चलते इस पर कार्रवाई नहीं हो रही है। इसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ रहा है। खासकर जाम लग रहा है। हादसे का खतरा भी बढ़ गया है। इसके लिए मिल प्रबंधन भी कम जिम्मेदार नहीं हैं।
दरअसल, मिझौड़ा स्थित अकबरपुर चीनी मिल में पेराई सत्र चल रहा है। मुख्य गेट के अलावा चीनी मिल की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में तौल सेंटर स्थापित किए गए हैं। चीनी मिल से दूर वाले किसान अपनी इन्हीं नजदीकी सेंटरों पर गन्ने की तौल कराते हैं। सेंटरों पर तौले गए गन्ने के ढुलाई ठेकेदारों के माध्यम से कराई जाती है। इसकी बाकायदा टेंडर प्रक्रिया कराई जाती है। ठेकेदार कमीशनबाजी के चक्कर में ट्रैक्टर-ट्राली के बजाय ट्राला से गन्ने की ढुलाई कराते हैं। बताया जा रहा है कि ठेकेदार और परिवहन विभाग के अफसरों की मिलीभगत से यह कार्य कराया जा रहा है। इससे चीनी मिल जाने वाले मार्ग पर आए दिन जाम लगता है। हादसे का अंदेशा रहता है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर परिवहन विभाग के अधिकारी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। चीनी मिल प्रबंधन भी इस ओर ध्यान नहीं देता। उधर, एआरटीओ (प्रवर्तन) सतेंद्र यादव का कहना है कि मामला किसानों से जुड़ा है। इसलिए कार्रवाई सोच समझकर की जाती है।
सड़कें हो रहीं जर्जर
गन्ना लदे ओवरलोड ट्राला संचालित किए जाने से सड़कें भी खस्ताहाल हो रही हैं। सड़कों के गड्ढों में तब्दील होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। बावजूद इसके परिवहन विभाग के अधिकारियों की ओर से ओवरलोड वाहनों को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिम्मेदार आंख मूंदे हुए हैं। इससे लोगों में गहरी नाराजगी बढ़ती जा रही है।