लखनऊ में हुए लाठीचार्ज के विरोध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना संघ का जिले के सभी ब्लाकों में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा।
कहा गया कि हक की आवाज को लाठी डंडे के बल पर दबाया नहीं जा सकता। अब आरपार का संघर्ष होगा।
जब तक मांगें पूरी होने के साथ ही लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक धरना जारी रहेगा।
गौरतलब है कि रिजवी कमेटी की सिफारिशों व एचआर पॉलिसी लागू करने सहित कई अन्य मांगों को लेकर बीते दिनों लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे एनएचएम संविदा कर्मियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर जमकर पिटाई की थी।
इसी के विरोध में प्रांतीय आह्वान पर सोमवार से एनआरएचएम संघ ने सभी ब्लॉकों में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। मंगलवार को संविदा कर्मियों ने पहले कलेक्ट्रेट के निकट, फिर डीएम कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया।
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रांतीय अध्यक्ष मयंक प्रताप सिंह ने कहा कि एक तरफ न तो उनकी मांगों का निस्तारण किया जा रहा है, उस पर से जब आवाज उठाई जाती है, तो उसे दबाने के लिए लाठी-डंडे का प्रयोग किया जाता है।
इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाध्यक्ष डॉ. विवेक व संदल पटेल ने मांग करते हुए कहा कि न सिर्फ उनकी मांगों को पूरा किया जाए, बल्कि लखनऊ में हुए लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
चेतावनी दी गई कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होता, तब धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान डॉ. आशा उपाध्याय, डॉ. परवेज, डॉ. विजय विक्रम, शेषमणि आदि मौजूद रहे।
इसके अलावा अन्य ब्लॉकों में भी संविदा कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन किया। जलालपुर, टांडा व बसखारी आदि ब्लॉकों में संविदा कर्मियों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि उनके हितों को लेकर शासन का रवैया अत्यंत अनुचित है।
पूरे परिश्रम से वे सब विभाग को अपना योगदान दे रहे हैं। इसके बाद भी सरकार उनकी सेवाओं को लेकर सकारात्मक रवैया नहीं दिखा रही है।