जलालपुर/हजपुरा (अंबेडकरनगर)। ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के साझे हमले के बाद जिले के 100 से ज्यादा परिवारों की धड़कन तेज हो गई है। यहां के तमाम लोग रोजी-रोटी से लेकर शिक्षा के लिए ईरान के विभिन्न शहरों में रह रहे हैं। इस हमले के बाद परिजनों से इनका संपर्क टूट गया है। ईरान के अलावा कुवैत व आसपास के शहरों में रहने वाले लोग भी दहशत में हैं।
धर्मगुरु मौलाना कर्रार हुसैन तुराबी जाफराबाद ने बताया कि ईरान के हालात काफी चिंताजनक है। जलालपुर के लगभग एक दर्जन से अधिक लोग वहां पर पढ़ाई के लिए गए हुए हैं। शुक्रवार तक उनके परिजनों से बात हो रही थी, लेकिन शनिवार को नेटवर्क खराब होने के कारण बातचीत नहीं हो पा रही है। जलालपुर के हसन राजा हैदरी, हसन राजा करीमी, सबीउल हसन, हंसने इमाम, मुस्तफी, हसन इमाम मुस्तवी, सबीउल हसन, फैजी हसन, इमाम हैदरी, फजल शब्बीर, सलीसी, अजीज अब्बास, आबिद हैदरी, मोहम्मद अकबर, कासिम राजा के परिवार के लोग चिंतित हैं। तेहरान, मशहद, कोम के अलावा कई अन्य शहरों में हालात तनावपूर्ण हैं।
जलालपुर तहसील के सकरा युसुफपुर निवासी ओमकार पिछले चार वर्षों से रोज़गार के सिलसिले में कुवैत में रह रहे हैं। वहां रह कर वह गाड़ी चलाने का काम करते हैं। इन दिनों क्षेत्र में ईरानी हमलों की खबरों के चलते गांव में मौजूद उनका परिवार चिंतित और सहमा हुआ है। फोन पर हुई बातचीत में ओमकार ने परिवार को आश्वस्त करते हुए बताया कि घबराने की कोई बात नहीं है। यहां का प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। ओमकार के अनुसार, अब तक ईरानी मिसाइलों ने जिन स्थानों को निशाना बनाया है, उनमें अल सलेम एयर बेस, कुवैत शामिल है।