सोमवार को बैंक बंद होने के चलते एक बार फिर से एटीएम सेवा पटरी पर नहीं आ सकी। उपभोक्ता धननिकासी के लिए एक एटीएम बूथ से दूसरे बूथ का चक्कर लगाने को मजबूर होते रहे। गौरतलब है कि पुराने बड़े नोटों के बंद होने के बाद से ही जिले में एटीएम सेवा का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रहा है।
धननिकासी के लिए अब तक लोग बैंकों में लंबी लाइन लगाकर एक हजार से दस हजार रुपये की धनराशि प्राप्त कर ले रहे थे लेकिन सोमवार को गुरुनानक जयंती के अवकाश के चलते बैंक बंद रहे। इससे उपभोक्ताओं के लिए धननिकासी की एकमात्र उम्मीद एटीएम सेवा ही थी।
हालांकि जिस प्रकार चार दिनों से एटीएम सेवा पूरी तरह बेपटरी रही, उसे देखते हुए सोमवार को इसका सुचारु लाभ मिल सकेगा, इसे लेकर लोगों के बीच आशंका बनी हुई थी। सोमवार सुबह से ही धननिकासी के लिए उपभोक्ताओं का एक एटीएम से दूसरे एटीएम बूथ पर पहुंचने का दौर शुरू हो गया। यह अलग बात रही कि उन्हें ज्यादातर निराश ही होना पड़ा।
जिला मुख्यालय पर एचडीएफसी बैंक के इक्का-दुक्का एटीएम से ही धननिकासी शुरू हुई तो देखते ही देखते लंबी लाइन लग गई। हालांकि लगभग डेढ़ घंटे के बाद धन समाप्त हो गया। इससे लाइन में लगे ज्यादातर लोगों के हाथ मायूसी लगी।
अकबरपुर नगर के दीप गुप्ता व चंद्रशेखर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बैंक बंद होने की दशा में एटीएम सेवा को सुचारु करने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाने चाहिए थे। कटेहरी से धननिकासी के लिए जिला मुख्यालय पर आए नरेंद्र सिंह व सुनील ने कहा कि वे यह सोचकर आए थे कि शायद एटीएम से धननिकासी हो जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
एलडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि एटीएम सेवाओं को सुचारु ढंग से शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंगलवार को बैंक शाखाओं के खुलने पर कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाकर धननिकासी व जमा करने के काम को प्राथमिकता के साथ निपटाया जाएगा।