अंबेडकरनगर। बहुप्रतीक्षित कटेहरी बाईपास निर्माण कार्य का शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्वीकृत इस परियोजना की कुल लागत 63.33 करोड़ रुपये है। कार्य प्रारंभ होते ही क्षेत्रीय लोगों में जाम से निजात मिल सकेगी।
कटेहरी कस्बे में जाम की लगातार समस्या के चलते पूर्व में जब स्टेट हाईवे के चौड़ीकरण की योजना आई थी, तब स्थानीय नागरिकों ने कस्बे के भीतर चौड़ीकरण के बजाय वैकल्पिक बाईपास मार्ग निर्माण की मांग की थी। यह मांग विधानसभा व लोकसभा उपचुनावों के दौरान भी उठाई गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष भी यह विषय रखा गया था, जिस पर उन्होंने शीघ्र स्वीकृति का आश्वासन दिया था।
जनवरी में मुख्यमंत्री ने मंजूरी दिए जाने के बाद शासन स्तर से प्रथम किस्त के रूप में 22 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की थी। इसके पश्चात लोक निर्माण विभाग ने सर्वे, डिजाइन व भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया। अब विभाग ने निर्माण कार्य की विधिवत शुरुआत कर दी है।
यह बाईपास अयोध्या, बहराइच और आजमगढ़ को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे 30 पर बन रहा है, जो कटेहरी कस्बे की पुरानी और लगातार बनी रहने वाली जाम की समस्या का समाधान करेगा। वर्तमान मार्ग पर जाम की स्थिति से यात्रियों व क्षेत्रीय नागरिकों को खासी परेशानी होती रही है। नए बाईपास से यह समस्या काफी हद तक समाप्त होने की उम्मीद है। इस टू लेन बाईपास की लंबाई कुल 3.800 किलोमीटर होगी और चौड़ाई 10 मीटर निर्धारित की गई है।
बाईपास एनएच-30 के चैनेज 162.100 से प्रारंभ होकर कटेहरी बाजार के दक्षिण से होते हुए बहराइच-फैजाबाद-आजमगढ़ मार्ग पर चैनेज 165.500 पर पुनः मिल जाएगा। यह मार्ग गौराबसंतपुर, प्रतापपुर चमुर्खा और तिवारीपुर गांवों से होकर गुजरेगा।बाईपास निर्माण के लिए कुल 7.49 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसमें लगभग 31.46 करोड़ रुपये की लागत आई है।
विधायक धर्मराज निषाद ने बताया कि बाईपास के निर्माण से अंबेडकरनगर, अयोध्या, बहराइच और आजमगढ़ के बीच यातायात और माल परिवहन पहले की अपेक्षा अधिक सुगम और समयबद्ध होगा। साथ ही कस्बे के भीतरी हिस्सों में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगने से नागरिकों को भी राहत मिलेगी।