बदहाल पड़ा टांडा-अकबरपुर मार्ग पर हरीनगर से स्वास्थ्य केंद्र ब्राहिमपुर कुसुमा (भिटवा) जाने वाल
अंबेडकरनगर। अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण संपर्क को मजबूत करने के लिए पांच प्रमुख सड़कों के नवनिर्माण को स्वीकृति मिल गई है। यह स्वीकृति एमएलसी डॉ. हरिओम पांडेय के प्रस्ताव पर प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं पर कुल 2.85 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
टांडा-अकबरपुर मार्ग पर हरीनगर से स्वास्थ्य केंद्र ब्राहिमपुर कुसुमा (भिटवा) तक सड़क का नवनिर्माण 1.45 करोड़ रुपये की लागत से होगा। इस मार्ग के बनने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने में आसानी होगी। आपात स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और आवागमन भी तेज होगा। तेजापुर गांव में प्रधानमंत्री सड़क से नवरंगशाह सरोवर तक संपर्क मार्ग का निर्माण 24.56 लाख रुपये से होगा।
महरुआ-मिझौड़ा मार्ग पर शाहपुर से भगवानपट्टी तक सड़क 38.90 लाख रुपये से बनेगी। इन मार्गाें का निर्माण लोक निर्माण विभाग की ओर से कराया जायेगा। वहीं, सेमराघाट पुल से नरहरिया करमपुर संपर्क मार्ग का निर्माण 52.48 लाख रुपये से किया जाएगा। अकबरपुर-दोस्तपुर मार्ग से किशुन पट्टी संपर्क मार्ग 24.14 लाख रुपये की लागत से तैयार होगा। इन मार्गों के निर्माण का जिम्मा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग संभालेगा। एमएलसी डॉ. हरिओम पांडेय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत होना विकास की पहली जरूरत है। इन सड़कों के बनने से स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यापारिक गतिविधियों को सीधा लाभ मिलेगा।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
गांवों में सड़क स्वीकृति की जानकारी मिलते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। टांडा के ब्रहिमपुर कुसमा निवासी राम जनम वर्मा ने कहा कि हरीनगर से स्वास्थ्य केंद्र तक सड़क बनने से बड़ी राहत मिलेगी। बरसात में सबसे ज्यादा परेशानी होती थी, अब मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा। वहीं, अकबरपुर के शाहपुर निवासी महंत मिश्रा ने बताया कि शाहपुर से भगवानपट्टी तक सड़क बनने से बच्चों की स्कूल पहुंच आसान होगी और बाजार से जुड़ाव भी बढ़ेगा। इन सड़कों के निर्माण से न केवल गांवों का जुड़ाव मजबूत होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से बुनियादी ढांचे की मांग की जा रही थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है।