अमर उजाला में पांच अप्रैल को प्रकाशित खबर।-संवाद
अंबेडकरनगर। जिले के रेडिएंट सेंट्रल चिल्ड्रेन एकेडमी जलालपुर में विद्यालय परिसर में कॉपी-किताबें बेचने और अभिभावकों का आर्थिक शोषण करने की शिकायत जांच में सही पाई गई। डीआईओएस ने विद्यालय के प्रधानाचार्य से तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
पांच अप्रैल को माई सिटी में ''विद्यालयों की तय हैं दुकानें, डेढ़ गुना बढ़े कॉपी-किताबों के दाम'' शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन पर मनमानी फीस वसूलने का आरोप लगाया था। उन्हें किताबों और कॉपियों के लिए भी दबाव बनाया जा रहा था। जलालपुर के अभिभावक आदित्य गोयल ने डीएम से शिकायत कर विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इस संबंध में एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। डीएम अनुपम शुक्ला ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईओएस को जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे।
डीआईओएस प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को विनय कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया था। जांच अधिकारी ने सात अप्रैल को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि विद्यालय प्रबंधन आर्थिक शोषण में संलिप्त है। विद्यालय प्रबंधन को तीन दिवस के भीतर लिखित जवाब देने के लिए कहा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विद्यालय के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।