उनका कहना है कि उन्होंने चुनाव में ग्राम प्रधान पद पर जीत दर्ज की है। उनकी जीत कुछ लोगों को रास नहीं आ रही है। वह आए दिन उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। 26 दिसंबर को ग्राम पंचायत की खुली बैठक थी।
इसी बीच गांव के कुछ लोग लामबंद होकर पहुंचे और सरकारी काम में व्यवधान पैदा करते हुए गाली-गलौज करने लगे। वहां मौजूद लोगों ने आपत्ति की तो उनके साथ ही बदसलूकी की।
बीच बचाव करने वाले लोगों को भी हमलावरों ने लाठी डंडे से पीटा। मामले में स्थानीय पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। ग्राम प्रधान ने मुख्य सचिव से कार्रवाई की मांग की है।