अंबेडकरनगर। लगातार निकल रही तेज धूप के बावजूद गलन कम नहीं हो रही है। लगातार बढ़ती ठंड का सबसे अधिक प्रभाव आर्थिक रूप से कमजोरों पर पड़ रहा है। उचित व्यवस्था न होने से उन्हें रात गुजारने में मुश्किल उठानी पड़ रही है। इस बीच अब भी जिला मुख्यालय पर ही सभी चिह्नित स्थानों पर अलाव नहीं जल सका है। इससे राहगीरों को ठंड के चलते विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, प्रतिदिन छाने वाले कोहरे से फूल वाली फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि इसी प्रकार से कोहरे का प्रकोप आगे भी जारी रहा तो इससे दलहनी व तिलहनी फसलों को नुकसान हो सकता है।
तापमान में गिरावट का दौर लगातार जारी है। हालांकि बीते दो दिनों से धूप तो निकल रही है, लेकिन गलन के चलते धूप का समुचित लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। खराब मौसम का असर अब आमजनमानस की दिनचर्या पर भी पड़ने लगा है। हाड़कंपाऊ ठंड के चलते या तो घरों में दुबके रहते हैं या फिर प्रतिष्ठानों में। सरकारी कार्यालयों व अस्पतालों में भी कर्मचारियों की उपस्थिति समय पर नहीं हो पा रही है। इसका खामियाजा अस्पताल में इलाज के लिए समय से पहुंचने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ता है। इस बीच लगातार बढ़ती ठंड के बावजूद अभी भी जिला मुख्यालय पर ही सभी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव नहीं जल सका है। इससे राहगीरों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। ठंड से सबसे अधिक समस्या आर्थिक रूप से कमजोरों को उठानी पड़ रही है।
धूप निकलने पर दिन तो किसी प्रकार कट जाता है, लेकिन रात गुजारना मुश्किल हो जाता है। दरअसल अभी तक कंबल वितरण में तेजी न आने से ऐसे लोगों तक कंबल नहीं पहुंच सका है। उधर, लगातार बढ़ रहे प्रकोप ने दलहनी व तिलहनी फसलों के नुकसान की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अकबरपुर के किसान रामबदन व जगदीश ने कहा कि यदि इसी प्रकार से कोहरे का प्रकोप लगातार जारी रहा, तो इससे फूल वाली फसलों को नुकसान हो सकता है। यदि फूल झड़ता है, इसका प्रतिकूल प्रभाव उपज पर पड़ेगा। भीटी रामबख्श सिंह व महरुआ के मेवालाल वर्मा ने कहा कि घने कोहरे से फूल वाली फसलों को तो नुकसान होगा ही, आलू को भी पाला पड़ सकता है।