अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन आने पर कोच खोजते यात्री।
अंबेडकरनगर। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं के लिए चुने गए अकबरपुर जंक्शन पर यात्री बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। स्टेशन पर लगे कोच संकेतक खराब होने के कारण यात्रियों को अपनी बोगी तलाशने के लिए प्लेटफॉर्म पर इधर-उधर दौड़ना पड़ता है। यात्रियों को यह पता ही नहीं चल पाता कि ट्रेन का डिब्बा किस जगह पर आकर रुकेगा।
अकबरपुर जंक्शन से रोजाना लगभग दो हजार यात्री महानगरों के लिए सफर करते हैं। बड़ी संख्या में लोग यहां ट्रेनें बदलते हैं, ऐसे में कोच इंडिकेटर का काम न करना एक बड़ी समस्या बन गया है। लगभग दो साल पहले इस स्टेशन को अमृत भारत योजना में शामिल किया गया था। स्टेशन के आधुनिकीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए 16.20 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ था। योजना के तहत स्टेशन भवन को एयरपोर्ट की तर्ज पर कांच से सजाना और प्लेटफॉर्म पर आधुनिक कोच इंडिकेटर लगाना शामिल है। लेकिन हकीकत यह है कि विकास कार्य बेहद धीमी गति से चल रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि करोड़ों का बजट मिलने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि खराब कोच संकेतक तुरंत ठीक कराए जाए और स्टेशन के विकास कार्यों में तेजी लाई जाए।
क्या कहते हैं यात्री
किछौछा दरगाह से वापस आए हावड़ा जाने वाले यात्री चांद खां ने बताया कि स्टेशन पर कोच गाइडेंस सिस्टम (कोच संकेतक) खराब होने के कारण यह पता नहीं चल पाता कि ट्रेन की बोगियां कहां रुकेंगी। ऐसे में ट्रेन आने पर यात्रियों को भारी भाग-दौड़ करनी पड़ती है।
वहीं, स्थानीय निवासी सर्वेश सिंह ने बताया कि अकबरपुर जंक्शन पर तीन प्लेटफॉर्म हैं, लेकिन किसी पर भी कोच संकेतक काम नहीं कर रहे हैं। कोच की सही स्थिति पता न होने के कारण जैसे ही ट्रेन आती है, यात्रियों को सामान लेकर कोच तलाशने के लिए प्लेटफॉर्म पर दौड़ना पड़ता है।
जल्द कोच संकेतक लगवाए जाएंगे
अमृत भारत योजना के तहत होने वाले काम शुरू हो गए हैं। जल्द ही कोच संकेतक लगाए जाएंगे। यात्रियों को प्लेटफार्म की जानकारी पहले से दी जाती है।
-विनोद कुमार, स्टेशन अधीक्षक