शनिवार सुबह जब लोगों की आंख खुली तो आसमान पर काले बादल उमड़ते घुमड़ते दिखाई दिए। पूरे दिन आसमान पर बादल छाए रहे। उमड़ते घुमड़ते बादलों ने किसानों के दिल की धड़कन बढ़ा दी। चेहरे पर चिंता की लकीरे साफ दिखाई देने लगीं। इन दिनों गेहूं की बाली तैयार होने लगी है।
यदि बारिश होती है या फिर तेज हवा चलती है तो इसका प्रतिकूल प्रभाव गेहूं की फसल पर पड़ेगा। तेज हवा चलने से न सिर्फ गेहूं के दाने पतले हो जाएंगे, बल्कि यदि साथ में बारिश भी होती है, तो फसल के खेत में ही धराशायी होने की संभावना है। शुनिवार को लगभग पूरे दिन एक तरफ जहां आसमान पर काले बादल उमड़ते घुमड़ते रहे, वहीं धूल भरी तेज हवा भी चलती रही। \
किसान कभी आसमान पर काले बादलों की तरफ देखते, तो कभी अपनी फसल को। भीटी के किसान भगवती प्रसाद दुबे व रामबख्श सिंह ने कहा कि धान की फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है। गेहूं की अच्छी फसल होने की उम्मीद है। यदि इसी प्रकार से तेज हवा चली और बारिश हो गई, तो गेहूं की फसल का हश्र भी धान की तरह ही होगा। जलालपुर के किसान राधेश्याम वर्मा व अनिल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि बारिश होती है, तो फसल धराशायी हो जाएगी।
उधर शनिवार को मौसम में आए बदलाव से लगातार बढ़ रहे दिन के तापमान पर ब्रेक लगा। इससे लोगों को कुछ राहत मिली। हालांकि धूल भरी तेज हवा चलने से लोगों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर लोग चेहरे को अंगौछे से बंद कर चलने को मजबूर हुए।