अंबेडकरनगर। मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। शनिवार सुबह से बादल छाए रहे। इसके चलते न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। जिससे ठंड और बढ़ गई है। हालांकि 12 बजे के बाद धूप निकली तो लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली। बाजारों में पहल-पहल देखने को मिली, लेकिन शाम होते ही फिर ठंड और गलन का असर दिखा।
शनिवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह आसमान में बादल छाए रहे, जिससे ठंड से लोग परेशान रहे। तापमान में गिरावट के कारण ठंड लोग देर से जगे और घरों में ही रहे। करीब 12 बजे धूप निकलने के बाद बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई। लोग जरूरी सामान की खरीदारी में लगे रहे। दूसरी तरफ ठंड के कारण गरीब और मजदूर तबके के लोगों को परेशान होना पड़ा। वहीं बादलों की आवाजाही से किसानों में चिंता की लकीरें रहीं। इस समय खेतों में सरसों, गेंहू के साथ आलू की फसल खड़ी है। ऐसे में अगर कहीं बरसात हुई तो कुछ फसलों को फायदा मिलेगा तो कुछ को नुकसान हो सकता है। राजकीय कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष व वैज्ञानिक डॉ. रामजीत ने बताया कि हल्की बरसात होने से गेहूं और जौ की फसलों में मिट्टी की नमी बढ़ जाती है, जिससे पौधों की शाकीय वृद्धि बेहतर होती है। वहीं फसल सुरक्षा विज्ञानी डॉ. शिवम कुमार ने बताया कि रात में हल्की बूंदाबांदी के साथ लगातार बादल छाए रहें और तापमान गिर गया, जिसका फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव भी देखने को मिला है। जैसे आलू में पछेती झुलसा का संक्रमण तेजी से हो गया है।