स्थाईकरण की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने सोमवार को जलालपुर ब्लॉक दफ्तर में सीडीपीओ व अन्य कर्मचारियों को बंधक बना दिया। कार्यालय के बाहर ताला बंद कर लगभग एक घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया गया। बाद में पहुंचे जलालपुर थाना प्रभारी व अन्य पुलिसकर्मियों ने ताला खुलवाकर सीडीपीओ व अन्य को बाहर निकलवाया।
कर्मचारियों ने सभी नौ ब्लाकों में बेमियादी हड़ताल भी शुरू कर दी है। गौरतलब है कि स्थाई करने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं बड़े आंदोलन की राह पर हैं। शुक्रवार को जहां एकजुट कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन कया था, वहीं शनिवार को सभी तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन व जाम कर अपने हक की आवाज बुलंद की गई।
इस बीच सोमवार से सभी नौ ब्लाकों में आंगनबाड़ी कर्मियों ने बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है। जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ब्लॉक मुख्यालय पर एकत्र महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्थाई करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
बाद में जब बाल विकास परियोजना अधिकारी जलालपुर बलराम सिंह अपने कक्ष में पहुंचे तो कार्यकर्ताओं ने बाहर से ताला बंद कर दिया। उस समय दो अन्य कर्मचारी भी कार्यालय में मौजूद थे। इसके बाद महिला कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। अंदर बंद कर्मचारियों ने गेट व ताला खोलने का अनुरोध किया लेकिन उसे अस्वीकार कर दिया गया।
कार्यकर्ता मुख्य गेट के बाहर ही बड़ी तादाद में बैठ गईं। लगभग आधे घंटे इंतजार के बाद भी जब उन्होंने ताला नहीं खोला तो इसकी सूचना जलालपुर पुलिस को दी गई। वहां से थानाध्यक्ष एनके पांडेय दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने ताला व गेट खुलवाकर बंधक बने सीडीपीओ व अन्य कर्मियों को बाहर निकलवाया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। उधर अकबरपुर ब्लॉक में जिलाध्यक्ष कामिनी तिवारी की अगुवाई में सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।
सरकार से मांग की कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, जब तक यह मांग पूरी नहीं होती तब तक 15 हजार रुपये मानदेय दिया जाए। हौसला पोषण योजना बंद किया जाए या फिर मातृ समिति के खाते से जोड़ा जाए। अन्य विभागों के कार्यों के कार्यों से उन्हें मुक्त रखा जाए। साथ ही वर्ष 2011 से अब तक के पोषाहार ढुलाई के खर्च का भुगतान किया जाए।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रत्येक 10 वर्ष पर प्रमोशन दिया जाए। इसके अलावा उन्हें शिक्षा विभाग के अधीन रखे जाने की मांग की। कहा कि यदि सरकार उनकी इन मांगों को नहीं मानती है तो आंगनबाड़ी कर्मचारी आज से शुरू बेमियादी हड़ताल लंबे समय तक जारी रखेंगी।
इस दौरान माधुरी देवी, शारदा, उर्मिला, प्रेमादेवी, सावित्री, प्रियंका, कुसुमा व सुषमा आदि मौजूद रहीं। ब्लॉक अध्यक्ष जहांगीरगंज सुमन पांडेय की अगुवाई में महामंत्री कौशिल्या सिंह व रीता वर्मा समेत दर्जनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं ने ब्लॉक मुख्यालय पर पहले जुलूस निकाला और इसके बाद प्रदर्शन किया।
सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। भीटी प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक अध्यक्ष पुष्पा देवी की अगुवाई में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। कहा कि अब यह आंदोलन थमने वाला नहीं है। सरकार को उनकी मांगों को अविलंब पूरा करना होगा। यहां तहसीलदार सुदामा वर्मा को ज्ञापन सौंपा गया।
आलापुर प्रतिनिधि के अनुसार रामनगर ब्लॉक मुख्यालय पर अध्यक्ष शशिकला मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी तादाद में आंगनबाड़ी कर्मचारी एकत्र हुईं और स्थाई किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बर्तनों के साथ पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें जब तक स्थाई कर्मी का दर्जा नहीं दिया जाता तब तक सम्मानजनक मानदेय दिया जाए।
प्रदर्शन में उपाध्यक्ष किशोरी तिवारी, महामंत्री वंदना पांडेय, बिंदू, कमला, यामीन व कमलेश आदि मौजूद रहीं। इसके अलावा टांडा, कटेहरी, भियांव व बसखारी आदि ब्लॉकों में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर अपने हितों की आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के उपरांत अधिकारियों को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा।
सीडीपीओ बलराम सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मेरे कार्यालय के बाहर ताला बंद कर दिया था। उस समय मैं कार्यालय में ही था। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस ने मुख्य गेट व कक्ष का ताला खुलवाया। अभी इस बारे में थाने में कोई तहरीर नहीं दी है।