इससे एक तरफ जहां लोगों को दिन में हल्की ठंड का एहसास हुआ वहीं फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने को लेकर किसान चिंतित दिखे। बीते दिनों मौसम की मार से परेशान किसानों ने किसी तरह से सिंचाई कर अपनी अगेती धान की फसल तैयार कर ली थी। इन दिनों फसलों की कटाई का दौर भी शुरू हो चुका है।
बड़ी संख्या में किसान आलू, सरसों, मटर, लहसुन आदि की बोआई में भी जुट गए हैं। ऐसे में अचानक मौसम के बदलने से उनके सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई है। किसानों का मानना है कि यदि बारिश हो जाती है तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ जाएगा।
बुधवार सुबह मौसम में अचानक आए बदलाव ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी। लगभग पूरे दिन बादलों की लुकाछिपी से किसान चिंतित दिखाई पड़े। अगेती धान की फसल वाले किसानों को ज्यादा दिक्कत नजर आ रही है। कुछ किसानों ने जहां तैयार धान की फसल को काटकर खेतों में सूखने के लिए छोड़ रखा है तो कुछ किसानों ने अगेती धान की कटाई की तैयारी कर रखी है।
ऐसे में बारिश हो जाने पर किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के दौरान पहले बारिश न होने के संकट उन्हें जूझना पड़ा और अब फसल कटने के समय बारिश का संकट खड़ा हो गया है। जिन किसानों ने आलू सहित अन्य फसलों की बोआई की तैयारी शुरू कर दी थी, उनके सामने भी मुश्किल नजर आने लगी है।
किसान दिनेश सिंह व रामअकबाल तिवारी की मानें तो बारिश होने से अब ज्यादातर किसानों को नुकसान ही पहुंचेगा। यदि बारिश के साथ हवा भी चल गई तो उन किसानों को भी व्यापक पैमाने पर नुकसान उठाना पड़ेगा जिनकी अगेती धान की फसल खेतों में पक कर तैयार हो चुकी है।
असल में खेतों को जल्द से जल्द खाली कर किसान उसमें गेहूं, सरसों, मटर, चना व आलू आदि फसलों की बोआई के कार्य में जुटना चाहते हैं। इस बीच यदि बारिश होती है तो एक तरफ जहां किसानों की धान फसल पर प्रतिकूल असर पड़ेगा, वहीं उनके अन्य कार्य भी प्रभावित हो जाएंगे। दिन भर आसमान में बादलों के छाए रहने से किसानों के बीच परेशानी का माहौल बना रहा।