सब कुछ जस का तस ही है। न तो भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने इस अभियान को लेकर गंभीरता दिखाई न ही प्रशासन ने। सबकुछ दिखावे तक ही सीमित होकर रह गया। एक वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आह्वान पर शुरू इस अभियान में शुरुआत दौर में ही ग्रहण लगाना शुरूहो गया था।
जिला मुख्यालय पर भाजपा नेताओं व सांसद हरिओम पाडेय की मौजूदगी में रेलवे स्टेशन पर सफाई अभियान चला था। यह बात अलग है कि इससे पहले ही स्टेशन के सफाईकर्मियों ने सबकुछ चाक चौबंद कर दिया था। कई बाजारों व मोहल्लों में भी यही रस्म अदायगी की गई।
अभियान को शुरू हुए एक वर्ष का समय बीत गया है लेकिन शहरी या ग्रामीण क्षेत्र में कहीं भी सफाई व्यवस्था में कोई सुधार दिख रहा है। एक बड़ा व महत्वपूर्ण अभियान अपनी पहली वर्षगांठ पूरी होने से पहले ही दम तोड़ गया। ऐसे में आने वाले दिनों में सफाई को लेकर कोई सुधार होगा भी इसे लेकर ज्यादा उम्मीद करना बेमानी ही साबित होगा। अमर उजाला टीम ने गुरुवार को जिला मुख्यालय के कई क्षेत्रों का जायजा लिया, तो गंदगी को लेकर हर जगह बेफिक्री ही नजर आई।
स्टेशन परिसर में प्रवेश द्वार से लेकर प्लेटफार्म तक फैली गंदगी बेपटरी हुई साफ सफाई व्यवस्था को दर्शाती दिखी। समुचित साफ सफाई का दावा करने वाले रेलवे प्रशासन को परिसर में फैली गंदगी दूर कराने की सुध नहीं है। जनरल प्रतीक्षालय व टिकट खिड़की के निकट जगह जगह पान की पीक व कूड़ा करकट का ढेर लगा हुआ है।
प्लेटफार्म एक व दो पर भी स्थित शौचालय पूरी तरह गंदगी की चपेट में है, तो शुद्ध पेयजल के लिए लगे वाटर कूलर के इर्दगिर्द भी गंदगी का साम्राज्य है। प्लेटफार्म एक पर मिले यात्री दयाराम व सीमा ने बताया कि वैसे तो प्लेटफार्म पर साफ सफाई रहती है, लेकिन शौचालय व प्रतीक्षालय की समुचित साफ सफाई पर रेलवे प्रशासन का जोर नहीं है।
बस स्टेशन के अंदर व बाहर इर्दगिर्द चारों तरफ गंदगी ही गंदगी पसरी हुई है। नालियों का गंदा पानी जहां अक्सर सड़क पर बहता रहता है, वहीं जगह जगह लगे कूड़े के ढेरों से उठती दुर्गंध यात्रियों व आसपास के दुकानदारों को परेशान किए रहती है। बस स्टेशन परिसर का हाल तो और भी बेहाल है।
यहां चारों तरफ गंदगी का साम्राज्य है। पूरी तरह बेपटरी हुई साफ-सफाई व्यवस्था का खामियाजा यात्रियों को ही भुगतना पड़ता है। आजमगढ़ जाने के लिए बस का इंतजार करते मिले यात्री संदीप व इश्तियाक ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान की झलक जिले में कहीं भी नहीं दिखाई देती। ग्रामीण क्षेत्रों की बात दूर, जिला मुख्यालय पर ही सार्वजनिकस्थलों पर गंदगी का अंबार है।
अत्यंत भीड़भाड़ वाले इस क्षेत्र में भी समुचित साफ सफाई को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है। केंद्र सरकार का स्वच्छता अभियान का असर इस क्षेत्र में कहीं भी नजर नहीं आता। अमर उजाला टीम ने गुरुवार अपराह्न जब क्षेत्र का जायजा लिया, तो जगह जगह कूड़े के ढेर दिखाई पड़े। चौराहे के निकट स्थित शौचालय पूरी तरह गंदगी की चपेट में मिला।
मुख्य चौराहे पर भी पटरियों पर न सिर्फ कूड़ों का ढेर, बल्कि नाले का गंदा पानी भी कई जगह पटरियों पर बहता नजर आया। चौराहे पर स्थित एक पान की दुकान पर मिले जगदीश जायसवाल व हाजी मोहम्मद ताहिर ने बताया कि यह चौराहे पर गंदगी तो फिर भी कम है। शहजादपुर चौक में साफ सफाई का कहीं दूर दूर तक पता नहीं है। समुचित साफ सफाई की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।