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स्कूलों का बदला नजारा देख चहक उठे बच्चे

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अंबेडकरनगर के इंग्लिश मीडियम कम्पोजिट विद्यालय बसखारी में बच्चों का स्वागत करते शिक्षक। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। लगभग 11 माह के बाद जिले के करीब 2 हजार प्राथमिक विद्यालय नन्हें मुन्ने बच्चों से सोमवार को गुलजार हो गए। इनमें परिषदीय व निजी क्षेत्र के स्कूल शामिल रहे। स्कूल पहुंचे कक्षा 1 व 5 के छात्र-छात्राओं का ज्यादातर विद्यालयों में गुब्बारों व रंग-बिरंगी झंडियाें से सजाकर स्वागत किया गया। यह देख नौनिहाल चहक उठे। कई स्कूलों में बच्चों को रोली व टीका भी लगा। मास्क व सैनिटाइजर पर जोर तो दिखा, लेकिन कुछ स्कूल ऐसे भी रहे, जहां इसका पालन कराने की बजाय सिर्फ रस्म अदायगी दिखी। पहले दिन निर्धारित मानक से भी कम बच्चे स्कूलों तक पहुंचे, लेकिन एक-दो दिन में इसमें बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए न सिर्फ डीएम सैमुअल पॉल एन स्वयं निकले, वरन अधिकारियों की टीम को भी उन्होंने अलग-अलग विद्यालयों में भेजा। इसके चलते शिक्षक-शिक्षिकाएं अलर्ट रहे।
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कोरोना प्रोटोकाल के बीच 1064 परिषदीय स्कूल, जबकि लगभग एक हजार निजी विद्यालयों में सोमवार को शिक्षण कार्य लगभग 11 माह बाद फिर से प्रारंभ हो गया। कोरोना प्रोटोकाल के तहत सोमवार को कक्षा 1 व 5 के छात्र-छात्राओं को ही विद्यालय जाना तय हुआ था। लंबे अंतराल के बाद विद्यालय खुलने को लेकर छात्र-छात्राओं में उल्लास का माहौल दिखा। उनके लिए विद्यालयों में सकारात्मक माहौल तैयार किया गया था। ज्यादातर विद्यालयों में छात्र-छात्राओं का स्वागत गुब्बारे व रंग-बिरंगी झंडियों को लगाकर किया गया। कुछ ऐसे भी विद्यालय थे, जहां बच्चों को रोली व टीका लगाया गया।
अमर उजाला टीम ने सोमवार को अलग-अलग विद्यालयों का जायजा लेने के दौरान कई तरह के दृश्य देखे। प्राथमिक विद्यालय चंदैनी में प्रधानाध्यापक अनिल कुमार के नेतृत्व में सुप्रिया, गिरीश कुमार ने छात्र-छात्राओं का रोली व टीका लगाकर स्वागत किया। प्राथमिक विद्यालय उकरा में प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार के नेतृत्व में अमरलता मिश्रा, उजमा खान ने छात्र-छात्राओं का स्वागत किया। एनडी इंटरनेशनल स्कूल इंदईपुर में प्रधानाचार्या रेखा मिश्रा के नेतृत्व में विशाल वर्मा, पूजा शर्मा, दीपक सिंह आदि ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए छात्र-छात्राओं को सैनिटाइज किया। इसके बाद रोली लगाकर स्वागत किया।
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प्रधानाध्यापक जगराम समय से विद्यालय पहुंचे और आने वाले छात्र-छात्राओं को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए कक्षों में दूर-दूर बैठाया। प्राथमिक विद्यालय घानेपुर में छात्र-छात्राओं का स्वागत गुब्बारे व रंग-बिरंगी झंडियों से किया गया। प्राथमिक विद्यालय बाहरपुर में प्रधानाध्यापक जगराम निषाद ने राजनाथ मिश्र, राजेंद्र प्रसाद, अजय वर्मा, शीतला प्रसाद, पन्नालाल, रेनू पाण्डेय व शिक्षामित्र गुरुवचन वर्मा के साथ छात्र-छात्राओं का रोली का टीका लगाकर स्वागत किया। प्राथमिक विद्यालय माधवपुर में कक्षाओं में छात्रों को सोशल डिस्टेंसिंग के बीच बैठाया गया था।
नौनिहालों को सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में दी जानकारी
प्राथमिक विद्यालय कन्नूपुर में प्रधानाध्यापक अमित कुमार मिश्र ने छात्र-छात्राओं को सैनिटाइज कराया। इसके बाद सोशल डिस्टेंसिंग के बीच कक्षाओं में बैठाया। प्राथमिक विद्यालय मुरवाह में प्रधानाध्यापक रतन सिंह ने बताया कि छात्र-छात्राओं को बेहतर माहौल देने के लिए विद्यालय को भव्य ढंग से सजाया गया था। प्राथमिक विद्यालय जमऊपुर में प्रधानाध्यापक रवींद्र कुमार यादव ने छात्र-छात्राओं को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के बारे में जानकारी दी। प्राथमिक विद्यालय मनोचा में प्रधानाध्यापक मुन्नीलाल यादव, सहायक अध्यापक मोहम्मद तैय्यब, नाजिया खातून, रोहित मौर्य, शालू तिवारी ने छात्र-छात्राओं को सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में जानकारी दी।
गुब्बारे व रंग-बिरंगी झंडियां देख बच्चे हुए खुश
लंबी अवधि के बाद प्राथमिक विद्यालय बच्चों की पढ़ाई के लिए फिर से खुले, तो वहां बच्चों को सब कुछ बदला-बदला सा दिखा। ज्यादातर स्कूलों में गुब्बारे व रंग-बिरंगी झंडियां देख बच्चे खुश दिखे। उन्हें लगा जैसे विद्यालय में किसी समारोह का आयोजन हो। उन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की खुशी दोगुनी हो गई, जहां गुब्बारों व झंडियों के बीच रोली व टीका लगाकर उनका स्वागत किया गया। विद्यालय कक्षों की दशा भी एक वर्ष पहले की तुलना में काफी बदली हुई थी। अधिकतर स्कूलों में अलग-अलग मॉडल तथा प्रेरणादायक चित्रों को सजाया गया था।
डीएम ने स्कूल में चखा एमडीएम
करीब 11 माह बाद प्राथमिक विद्यालयों के खुलने पर व्यवस्था का जायजा लेने डीएम सैमुअल पॉल एन भ्रमण पर निकले। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय अकबरपुर में एमडीएम का निरीक्षण किया। भोजन बच्चों के खाने लायक है या नहीं, इसे जानने के लिए उन्होंने स्वयं उसे प्लेट में लेकर चखा। भोजन की गुणवत्ता ठीक पाई गई। हिदायत दी कि इसे ऐसे ही आगे भी जारी रखा जाए। डीएम ने यहां अंग्रेजी माध्यम से अध्ययनरत एलकेजी की एक छात्रा आराधना से 10 स्टिक काउंट करने को कहा। उसने एक-एक कर दस स्टिक गिनकर अलग कर दीं। डीएम ने उसे शाबाशी देते हुए शिक्षकों से कहा कि पढ़ाई पर विषेश ध्यान रखा जाए। इस मौके पर बीएसए अतुल सिंह व प्रधानाचार्य रमेशप्रसाद वर्मा आदि मौजूद रहे।
दीक्षा व प्रेरणा एप पर करें फोकस
डीएम ने कहा कि परिषदीय स्कूलों की बेहतरी के लिए ही सरकार ने प्रेरणा व दीक्षा एप लागू किया है। शिक्षकों को निर्देशित करते हुए कहा कि इसका पूरी तरह से पालन सुनिश्चित कराया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए। ऑनलाइन सभी व्यवस्था शत-प्रतिशत पालन शिक्षकों को सुनिश्चित करनी होगी। बीएसए को निर्देशित किया कि प्रेरणा व दीक्षा एप के पालन पर लगातार नजर रखें। इसकी नियमित समीक्षा की जाए। बीएसए से डीएम ने कहा कि आगे जब भी मैं विद्यालयों का निरीक्षण करूंगा तो दीक्षा व प्रेरणा एप के बारे में शिक्षकों से जानकारी ली जाएगी। इसका पूर्ण संचालन व पालन हो रहा है या नहीं, इस पर विशेष ध्यान रहेगा। यदि उस समय कोई भी लापरवाही मिली, तो उस पर एक्शन होगा।
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