अंबेडकरनगर। रामनगर में सील हुए अस्पताल को चुपके से खोलकर इलाज करने का मामला सामने आया है। रविवार को इसी अस्पताल में हुए प्रसव के बाद महिला की हालत बिगड़ गई। थोड़ी देर बाद उसकी अन्यत्र ले जाते समय मौत हो गई। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग के नेटवर्क व कार्य प्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
बताते चलें कि बीते 18 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिला प्रशासन के निर्देश पर रामनगर स्थित नेशनल हॉस्पिटल में छापा डाला था। वहां मानक का उल्लंघन कर अस्पताल संचालित मिलने पर उसे सील कर दिया गया था। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से केस भी दर्ज कराया गया था। इस पूरी प्रक्रिया के बाद खबर है कि संबंधित अस्पताल का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया। बताया जाता है कि टीम ने जिस कक्ष को सील किया था उसके अलावा अन्य कक्षों में अस्पताल विधिवत चल रहा था। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
इसौरी नसीरपुर निवासी पिंटू की पत्नी रागिनी (32) प्रसव पीड़ा के बाद रविवार सुबह परिजन लेकर सील हुए नेशनल अस्पताल परिसर पहुंचे। वहां महिला को भर्ती कर लिया गया। इसके बाद प्रसव करा दिया गया। पुत्री पैदा होने के बाद महिला कुछ देर तक वहां भर्ती रही। बाद में जच्चा-बच्चा दोनों को वहां से डिस्चार्ज कर दिया गया। बताया जाता है कि परिजन वहां से लेकर घर के निकट पहुंचने वाले थे तभी महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन पीएचसी ले जाने की तैयारी कर रहे थे तभी उसकी मौत हो गई। परिवार के लोग शव लेकर घर चले गए। हालांकि पति पिंटू का कहना है कि उसे अस्पताल से कोई शिकायत नहीं है। वहां से उसकी पत्नी सामान्य दशा में बाहर आई थी। पिंटू ने यह भी कहा कि उसे यह नहीं पता कि वह अस्पताल सील हुआ था या नहीं।
उधर सील हुए अस्पताल में इलाज शुरू हो जाने व महिला की मौत होने की खबर क्षेत्र में तेजी से फैली। इस पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि बिना विभागीय मिलीभगत के यह सब संभव नहीं है। जिला प्रशासन को मामले की जांच कराते हुए स्वास्थ्य विभाग के दोषी अधिकारियों को भी दंडित करना चाहिए तथा अस्पताल के मनमाने संचालन में नए सिरे से केस दर्ज होना चाहिए।
करवाई जा रही जांच
महिला की मौत होने की जानकारी नहीं है। पूरे प्रकरण की जांच करवाई जा रही है। यदि सील हुए अस्पताल में इलाज किए जाने का मामला सामने आया तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होगी। - डॉ. राजकुमार, सीएमओ