अस्थमा और सांस के मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श देते फिजिशियन डॉ.योगेश वर्मा।
अंबेडकरनगर। जिले में ठंड का असर कम न होने के कारण सांस और अस्थमा से पीड़ित मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तापमान में गिरावट के साथ ही सांस फूलने, सीने में जकड़न और दम घुटने जैसी शिकायतें बढ़ी हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और पहले से अस्थमा की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को हो रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 55 से 60 ऐसे मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार सुबह और शाम के समय ठंड का असर ज्यादा होने से मरीजों की हालत बिगड़ रही है। कई मरीजों को नियमित दवाओं के बावजूद सांस लेने में दिक्कत हो रही है। जिला अस्पताल के फिजिशियन योगेश वर्मा ने बताया कि ठंड के मौसम में हवा में नमी की कमी हो जाती है। इसके साथ धूल और प्रदूषण मिलकर सांस की नलियों को संकुचित कर देते हैं। इससे अस्थमा और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है।
ओपीडी में आने वाले मरीजों को दवाओं के साथ जरूरी सावधानियां भी बताई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ठंड के कारण सांस के मरीजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी जरूरी है। सुबह और शाम बेवजह घर से निकलने से बचें। बाहर निकलते समय मुंह और नाक को मास्क या स्कार्फ से ढक कर रखें। ठंडी हवा के सीधे संपर्क में आने से बचना चाहिए। घर के अंदर धूल और धुएं से बचाव जरूरी है। निर्धारित दवाओं को समय पर लेते रहें और गर्म कपड़े पहनें।