जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है। जर्जर उपकरणों के सहारे की जा रही विद्युत आपूर्ति का खामियाजा उपभोक्ताओं को ही भुगतना पड़ रहा है।
अघोषित विद्युत कटौती एवं लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे उपभोक्ताओं में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब पावर कॉर्पोरेशन ने दो दिन पूर्व रमजान के मद्देनजर रोस्टर में बदलाव की घोषणा की।
नए रोस्टर के अनुसार सुबह छह से आठ, दोपहर 12 से साढ़े तीन बजे व शाम छह बजे से दूसरे दिन सुबह पांच बजे निर्बाध विद्युत आपूर्ति की जानी थी। रात्रि में लगातार बिजली मिलने की सूचना से एक तरफ जहां रोजेदारों में खुशी की लहर दौड़ गई, वहीं अन्य लोगों ने भी राहत की सांस ली।
उन्हें लगा कि कम से कम एक माह तक तो उन्हें रात्रि में सुकून से सोने को मिलेगा। हालांकि पहले दिन से ही उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। नए रोस्टर के अनुसार बिजली मिलने की बात तो दूर, पुराने रोस्टर के अनुसार भी शुक्रवार रात उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल सकी।
शुक्रवार देर शाम से बिजली का आवागमन शुरू हो गया। इसमें भी जो बिजली मिली, उसमें लो वोल्टेज व बार बार की ट्रिपिंग की समस्या बनी रही। पुराने रोस्टर के अनुसार रात्रि नौ बजे से 12 बजे तक विद्युत कटौती होनी थी। शुक्रवार रात जिला मुख्यालय पर वैसे तो बिजली लगभग साढ़े नौ बजे कटी, लेकिन जो थी भी, उसमें लो वोल्टेज के चलते इसका समुचित लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल सका।
पुराने रोस्टर के अनुसार 12 बजे बिजली आनी थी, लेकिन आई लगभग डेढ़ बजे। इससे उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में व्यापक समस्या का सामना करना पड़ा। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी नए रोस्टर के अनुसार उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल सकी।