भीटी के बेला में अमृत सरोवर में बैरिकेडिंग के अभाव में हो रहा दुरुपयोग
भीटी (अंबेडकरनगर)। आजादी का अमृत महोत्सव योजना के अंतर्गत क्षेत्र के बेला गांव में जल संरक्षण एवं सामुदायिक उपयोग के उद्देश्य से निर्मित अमृत सरोवर अपने मूल उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है। चारों ओर बैरिकेडिंग न होने के कारण सरोवर का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीण यहां मवेशी बांध रहे हैं, जबकि महिलाएं सरोवर के भीतर उपले बनाने का कार्य कर रही हैं।
वर्ष 2022 में बेला गांव में अमृत सरोवर का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। लगभग एक एकड़ क्षेत्रफल में बने इस सरोवर पर करीब 34.56 लाख रुपये की लागत आई है। निर्माण के दौरान सरोवर के चारों ओर बैरिकेडिंग के लिए पिलर तो लगाए गए, लेकिन उन्हें जोड़कर घेराबंदी नहीं की गई। अधूरी सुरक्षा व्यवस्था के चलते सरोवर अव्यवस्था का केंद्र बनता जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बैरिकेडिंग के लिए लगाए गए एक-दो पिलर गिर चुके हैं। वहीं सरोवर में उतरने के लिए बनाई गई सीढ़ियां भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। इससे न केवल निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।
मानकों की अनदेखी का आरोप
गांव निवासी लालजी सिंह का कहना है कि अमृत सरोवर का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया, इसी कारण पिलर गिर रहे हैं। वहीं कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि मानकविहीन निर्माण के चलते सीढ़ियां क्षतिग्रस्त हो रही हैं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मामला जानकारी में नहीं
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी भीटी हरिराम ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। अब जानकारी मिलने पर प्रकरण की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्माण कार्य में गुणवत्ता अत्यंत आवश्यक होती है।