राजेसुल्तानपुर(अंबेडकरनगर)। क्षेत्र में खुरपका और मुंहपका रोग के संक्रमण से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। मांझा कम्हरिया, आराजी देवारा, मुबारकपुर पिकार, सोल्हवा, बलरामपुर, जैती, जल्लापुर सहित कई गांवों में गाय और भैंसों में यह संक्रमण लगातार बढ़ रहा है।
पैरों में खुर पका होने से पशु खड़े नहीं हो पा रहे और मुंह पका रोग के कारण चारा छोड़ दे रहे हैं। इससे पशुपालकों की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ने लगा है। पशुपालकों का कहना है कि हाल ही में लंपी वायरस से किसी तरह राहत मिली थी, लेकिन अब नई बीमारी के बढ़ते प्रकोप ने फिर परेशान कर दिया है। सोल्हवा निवासी पशुपालक राम कनिक तिवारी ने बताया कि उनकी भैंस चार दिनों से खुरपका रोग से पीड़ित है और उठ भी नहीं पा रही है। पशु चिकित्साधिकारी तेंदुआई कला डॉ. रविंद्र चक्रवर्ती ने बताया कि खुरपका और मुंहपका रोग का टीकाकरण कराया जा चुका है, जिसका असर छह महीने तक रहता है। उन्होंने बताया कि विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
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बचाव के उपाय
डॉ. रविंद्र चक्रवर्ती ने बताया कि संक्रमित पशु को अन्य जानवरों से अलग रखा जाए। यदि पशु के मुंह से लार गिर रही हो तो चिकित्सकीय सलाह लेकर इलाज कराना जरूरी है। बीमार पशु को नहलाने से बचें। गुनगुने पानी में फिटकरी मिलाकर पशु के पैरों की धुलाई करने से राहत मिलती है।