उत्तर प्रदेश चलचित्र अधिनियम के तहत संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध सीजेएम न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया है। इसके अलावा 45 दुकानदारों से लगभग 2 लाख 95 हजार रुपये समन शुल्क के रूप में वसूली की गई है। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्र की छोटी-बड़ी बाजारों में जगह-जगह मोबाइल में डाउनलोडिंग की दुकानें खुली हुई हैं।
इसमें तमाम ऐसे दुकानदार हैं, जिन्होंने इसके लिए लाइसेंस नहीं ले रखा है। इस पर विभाग को राजस्व का चूना लग रहा था। ऐसे दुकानदारों द्वारा धड़ल्ले से फिल्मों व अन्य साफ्टवेयर की डाउनलोडिंग का कार्य किया जा रहा है। इसकी कई बार शिकायतें भी संबंधित अधिकारियों से की जाती रहीं हैं, लेकिन कभी कोई बड़ा अभियान नहीं चलाया जा सका। बीते दिनों शासन के कड़े निर्देश के बाद हरकत में आए जिला मनोरंजन कर विभाग ने अभियान चलाया।
जनवरी से अब तक लगभग 250 दुकानों पर छापेमारी की। जिला मनोरंजन कर अधिकारी शेषमणि ने बताया कि छापेमारी में 45 दुकानदार ऐसे मिले, जिनके पास लाइसेंस के समुचित कागजात नहीं थे। ऐसे में उनसे कुल 2 लाख 95 हजार रुपये का समन शुल्क वसूला गया। 20 दुकानदार ऐसे थे, जो बिना लाइसेंस के ही डाउनलोडिंग का कार्य करते मिले।
ऐसे में इनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश चलचित्र अधिनियम के तहत सीजेएम न्यायालय में परिवाद दायर किया गया। इसमें धर्मेंद्र कुमार रतनपुर, अमित कुमार रफीगंज, प्रमोद कुमार अब्दुल्लापुर, सिकंदर रफीगंज, अमरीश शहजादपुर, रामकृपाल पाईपुर, गौरव कुमार बजदहिया, विशाल हरैया, दिनेश कुमार शहजादपुर, गयाप्रसाद सेहरा जलालपुर, राजकुमार अहरिया, विकास कुमार बरियावन, मयंक कुमार सद्दरपुर, सलीम सद्दरपुर, वीरबहादुर धौरहरा, देवकुमार छज्जापुर, दीपनरायन सूरापुर, जयचंद बसखारी, नितेंद्र कुमार नसीरपुर व रंजीत कुमार महरुआ शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बिना लाइसेंस के डाउनलोडिंग करने वालों के विरुद्ध आगे भी अभियान जारी रहेगा।