पर्याप्त अनुरक्षण में लापरवाही बरतने के चलते जहांगीरगंज माइनर की पटरी शुक्रवार रात नगदहां गांव के निकट कट गई। इससे आसपास के चार गांव की लगभग 100 बीघा फसल जलमग्न हो गई। इनमें धान की फसल मुख्य रूप से शामिल है। इससे 60 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों ने शनिवार को स्वयं कटान को रोका।
ग्रामीणों ने नहर विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई। नहरों व माइनरों के रखरखाव को लेकर नहर विभाग की लापरवाही दूर होने का नाम नहीं ले रही। अकबरपुर तहसील क्षेत्र के जमुनीपुर क्षेत्र में बीते दिनों शारदा सहायक नहर का पानी ऊपर से बहने लगा था। इससे कटान की आशंका बढ़ गई थी।
कई दिन तक किसानों द्वारा ध्यान दिलाए जाने के बाद भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा तब अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद स्थिति में सुधार तय हो पाया। इस बीच अब आलापुर तहसील क्षेत्र में भी नहर विभाग की लापरवाही सामने आयी है। दरअसल रामनगर-जहांगीरगंज माइनर में शुक्रवार रात नगदहां के निकट कटान हो गई।
इससे माइनर का पानी तेजी से खेतों की तरफ बढ़ चला। देखते ही देखते ही पानी नगदहां, अन्नापुर, सेखौलिया, हुसेनपुर व रन्नापुर गांव के खेतों तक पहुंच गया। किसानों को जब तक इसकी जानकारी होती तब तक लगभग 100 बीघा फसल पानी की चपेट में आ चुकी थी। इसमें अधिकांश फसल धान की है। लगभग 60 किसानों की फसल इससे प्रभावित हुई है।
जानकारी होने पर घंटों कड़ी मशक्कत के बाद लगभग दो मीटर में हुई कटान को ग्रामीण रोक सके। किसान रामकेवल यादव, दिनेश कुमार, डॉ. धीरेंद्र, गंगाराम व हरिश्चंद्र समेत कई अन्य लोगों ने बताया कि इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा। बाद में ग्रामीणों को स्वयं माइनर की कटान रोकनी पड़ी। किसानों के अनुसार 100 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हुई है।
किसानों ने कहा कि यदि माइनर का समुचित रख रखाव समय पर किया गया होता तो कटान की इस स्थिति से बचा जा सकता था। नाराजगी जताते हुए रामपलट व जियालाल ने कहा कि दरअसल कटान के ऐसे मामलों में कोई जिम्मेदारी तय न होने के चलते ही इस तरह की लापरवाही दूर नहीं हो पा रही।
ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कराने के साथ ही उनके वेतन से क्षतिपूर्ति कराई जाए तब जाकर इस तरह की लापरवाही रुक सकेगी। अपर जिलाधिकारी रामसूरत पांडेय ने बताया कि फोन पर जानकारी मिली है। तहसील प्रशासन व सिंचाई विभाग को इस बावत निर्देशित किया जा रहा है कि आगे इस तरह की पुनरावृत्ति न होने पाए।