अंबेडकरनगर। जिले के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। जिला मुख्यालय पर बाईपास बनाए जाने की पहल शुरू हो गई है। शासन के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग 187 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। जल्द ही इसे लखनऊ भेज दिया जाएगा। माना जा रहा है कि अगले वित्तीय वर्ष के पहले तिमाही में ही इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को शासन की विधिवत हरी झंडी मिल जाएगी। इसका व्यापक लाभ न सिर्फ जिला मुख्यालय व आसपास के बाशिंदों बल्कि हर दिन अकबरपुर नगर से होकर गुजरने वाले हजारों यात्रियों को भी मिलेगा।
अकबरपुर नगर में यातायात के बढ़ते दबाव ने आवागमन व्यवस्था को पूरी तरह छिन्नभिन्न कर रखा है। यूं तो पुलिस प्रशासन जरूरी इंतजाम में बढ़ोत्तरी करता जा रहा, लेकिन फिर भी जाम का संकट प्रतिदिन यहां खड़ा रहता है। नगर के मध्य स्थित रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनने के बाद जाम से निजात मिलने की उम्मीद थी, लेकिन बीते एक दशक में तेजी से वाहनों की संख्या में हुई वृद्धि ने ओवरब्रिज बनने के बाद भी शहर को जाम से छुटकारा नहीं दिलाया। हालत यह है कि नगर के लगभग सभी प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति रहती है।
इसे देखते हुए ओवरब्रिज निर्माण के तत्काल बाद से ही बाईपास या रिंगरोड निर्माण की मांग होने लगी। लगभग चार वर्ष पूर्व केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जिले के भ्रमण के दौरान रिंग रोड निर्माण का एलान जरूर किया था, लेकिन उस पर कोई सुध बाद में नहीं ली गई। अकबरपुर नगर के बाहर से होकर टांडा रायबरेली नेशनल हाइवे का निर्माण होने के बाद बाइपास निर्माण की जरूरत और ज्यादा महसूस होने लगी, क्योंकि सिर्फ टांडा व अयोध्या मार्ग तथा महरुआ व अयोध्या मार्ग को आपस में जोड़ देने के बाद अकबरपुर नगर के बाहर रिंगरोड जैसी स्थिति बन जाएगी।
नागरिकों के तमाम प्रयासों के बीच अकबरपुर में बाईपास निर्माण की उम्मीदों को बीते दिनों तब करारा झटका लगा, जब जिला मुख्यालय के संकट को नजरअंदाज कर बसखारी बाजार में बाईपास निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाने की खबर सामने आई। सिर्फ अमर उजाला ने अकबरपुर में बाईपास निर्माण को नजरअंदाज किए जाने तथा बसखारी में बाईपास निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने की खबर प्रमुखता से दी थी। इसमें नागरिकों के दर्द व आक्रोश को भी स्थान दिया गया। इसकी हलचल राजनीतिक व प्रशासनिक दोनों हलकों में देखने को मिली थी। चंद दिनों में ही नतीजा दिखने लगा है।
दरअसल अब जिला मुख्यालय पर बाईपास निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार शासन ने लोक निर्माण विभाग से बाईपास निर्माण को लेकर जरूरी प्रस्ताव तलब किया है। शासन की इस पहल के बाद जिले के पीडब्लूडी अधिकारियों ने प्रस्ताव तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है।
शासन ने जिला मुख्यालय पर बाईपास निर्माण को लेकर जो प्रस्ताव मांगा है, उसे देखते हुए अयोध्या रोड से टांडा रोड को जोड़ने की तैयारी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अकबरपुर नगर के फायर स्टेशन तथा पवित्र शिवबाबा धाम के बीच से बाईपास निर्माण शुरू होगा। दो रेलवे क्रॉसिंग पर उपरगामी सेतु निर्माण के बाद यह बाइपास मार्ग टांडा मार्ग पर कटरिया याकूबपुर बाग के पास निकलेगा। इसकी कुल लंबाई लगभग आठ किमी रहने की उम्मीद है। हालांकि अंतिम निर्णय अधिकृत विधिवत प्रस्ताव तैयार होने के बाद ही सामने आ सकेगा।
अयोध्या मार्ग को शिवबाबा के निकट से टांडा मार्ग से जोडने पर अकबरपुर नगर में लगने वाले जाम से काफी हद तक छुटकारा मिलने की उम्मीद है। ऐसा इसलिए क्योंकि आजमगढ़, मऊ तथा बलिया से लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या व कानपुर समेत दिल्ली जाने वाले वाहन अकबरपुर नगर से होकर ही मुख्यत: गुजरते हैं। टांडा मार्ग के अयोध्या मार्ग से जुड़ जाने पर यह वाहन नगर में प्रवेश किए बगैर ही गंतव्य को रवाना हो सकेंगे। इसके साथ ही यदि अन्नावां बाजार से श्रवणक्षेत्र होते हुए महरुआ मार्ग पर मिलने वाले मौजूदा मार्ग तथा बीच में पडने वाले पुलों की चौड़ाई बढ़ा दी जाए, तो यह मार्ग भी बाईपास के तौर पर प्रयुक्त हो सकेगा। इससे भी नगर में आने वाले तमाम बड़े वाहन बाहर से ही गंतव्य को निकल जाएंगे।
शासन की तरफ से अकबरपुर नगर में बाईपास निर्माण के लिए प्रस्ताव मांगा गया है। इस पर काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। आगामी वित्तीय वर्ष के शुरुआती दौर में ही बाईपास निर्माण को हरी झंडी मिल जाने की पूरी उम्मीद है।
शंकर्षणलाल, अधिशाषी अभियंता, पीडब्ल्यूडी