अंबेडकरनगर। लॉकडाउन के बीच रविवार को परिवहन निगम की बसों के सड़कों पर कम उतरने से यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी में यात्रियों को गंतव्य तक जाने के लिए घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा। कुछ यात्री ऐसे भी दिखे, जो वाहन न मिलने के चलते पैदल ही गंतव्य के लिए रवाना हो गए। उनका कहना था कि यात्रियों के हित को देखते हुए जिम्मेदारों को ठोस कदम उठाने चाहिए थे।
35 घंटे के लॉकडाउन से रविवार को यात्रियों को दिक्कतों को सामना करना पड़ा। दरअसल लॉकडाउन के चलते यात्रियों के घरों से बाहर कम निकलने के चलते अकबरपुर बस स्टेशन से कम बसें ही सड़कों पर उतरीं। अकबरपुर बस स्टेशन में 62 बसें बेड़े में मौजूद हैं। आम दिनों में तो लगभग सभी बसें सड़कों पर उतरती हैं, लेकिन रविवार को लॉकडाउन के चलते लगभग 15 बसें ही सड़कों पर उतर सकीं।
नतीजा यह रहा कि रविवार को गंतव्य तक जाने के लिए यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालत यह थी कि जैसे ही कोई बस बस स्टेशन पर पहुंचती, यात्री उसकी तरफ दौड़ पड़ रहे थे। आजमगढ़ जाने के लिए बस स्टेशन पहुंचे बेवाना के राहुल कुमार व शहजादपुर के संदीप ने कहा कि वह एक घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कोई बस नहीं मिल सकी। इस बीच एक बस आई थी, लेकिन वह पहले से यात्रियों से भरी हुई थी।
अकबरपुर नगर के अयोध्या मार्ग पर पैदल ही पुरानी तहसील की तरफ जा रहे मोहम्मद रफीक, सुशील व रंजीत ने कहा कि उन्हें मऊ जाना है। वे सभी मिझौड़ा के रहने वाले हैं। वाहन न मिलने के चलते बस मिलने की उम्मीद में पैदल ही अकबरपुर बस स्टेशन जा रहे हैं। यदि मिल गई, तो ठीक है। यदि नहीं मिलती है, तो फिर वापस पैदल ही घर जाना पड़ेगा।
इसी प्रकार सुल्तानपुर को जाने के लिए फव्वारे तिराहा के निकट अभिषेक व अनुराग बस के इंतजार में खड़े दिखे। भीषण गर्मी में वाहन न मिलने से परेशान यात्रियों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यात्रियों के हित को देखते हुए समुचित संख्या में बसों को सड़क पर जिम्मेदारों को उतारना चाहिए था। उधर, एआरएम सत्यनरायन चौधरी ने बताया कि यात्रियों की संख्या कम होने को देखते हुए 15 बसें सड़क पर उतारी गईं। यात्रियों को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए गए थे।