आलापुर। उपनिबंधक कार्यालय के लिए 2.18 करोड़ रुपये की लागत से अन्नापुर ग्राम पंचायत में तैयार भवन अब तक उपयोग में नहीं आ सका है। पहुंच मार्ग नहीं बनने से कार्यालय की शिफ्टिंग अटकी है। फिलहाल कार्यालय तहसील भवन की तीसरी मंजिल पर संचालित हो रहा है।
रजिस्ट्री कराने आने वाले क्रेता-विक्रेताओं को करीब 42 सीढ़ियां चढ़कर कार्यालय पहुंचना पड़ता है। बुजुर्गों और दिव्यांगों को सबसे अधिक परेशानी होती है। कई बुजुर्ग परिजनों के सहारे ऊपर पहुंचते हैं जबकि चलने में असमर्थ दिव्यांगों को भी सहारा देना पड़ता है। अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों को भी रोजाना तीसरी मंजिल तक आना-जाना पड़ता है।
स्थायी भवन की जरूरत को देखते हुए शासन स्तर से 2.18 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण की मंजूरी मिली थी। अन्नापुर ग्राम पंचायत में भूमि उपलब्ध होने के बाद कार्यदायी संस्था ने निर्माण पूरा कर दिया। अब कार्यालय शुरू करने में पहुंच मार्ग सबसे बड़ी अड़चन है।
उपनिबंधक महिमा मिश्रा ने बताया कि नए भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। नवरात्र या दीपावली तक कार्यालय स्थानांतरित करने की योजना है। मार्ग निर्माण के संबंध में खंड विकास अधिकारी रामनगर और क्षेत्र पंचायत प्रशासक को पत्र भेजा गया है। रास्ता बनते ही स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
अधिवक्ताओं ने भी उठाई आवाज
पहुंच मार्ग को लेकर भाजपा नेता एवं प्रदेश संकुल सहसंयोजक डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी और जिला मंत्री अभिषेक निषाद अधिकारियों को पत्र दे चुके हैं। अब अधिवक्ता संघ के महामंत्री नरेंद्र यादव, पूर्व अध्यक्ष सुनीत द्विवेदी, दयाराम यादव, अनिल कुमार श्रीवास्तव, बृजेश यादव, राजमणि सिंह यादव और राम जीवन तिवारी ने भी जल्द स्थानांतरण की मांग की है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि भवन तैयार होने के बावजूद रास्ता नहीं होने से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने पहुंच मार्ग का निर्माण शीघ्र कराने की मांग की है।