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केन्द्र सरकार के बजट से समाज के विभिन्न वर्गों को हैं ढेरों उम्मीद

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अंबेडकरनगर। केंद्र सरकार के आम बजट से जनपदवासियों को ढेरों उम्मीद है। कर्मचारियों ने जहां टैक्स स्लैब में छूट की उम्मीद लगा रखी है, वहीं गृहणियों का मानना है कि महंगाई पर लगाम लगाने का इंतजाम सरकार को करना चाहिए। शिक्षकों ने जहां बंद पड़ी पेंशन योजना फिर से बहाल किए जाने की वकालत की है, वहीं किसानों का कहना है कि खाद, बीज व कृषि यंत्रों पर और ज्यादा छूट मिलनी चाहिए।
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युवाओं ने रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा उच्च शिक्षा के लिए सीटों की संख्या बढ़ाए जाने तथा नए कॉलेज खोले जाने की उम्मीद जतायी है। गौरतलब है कि दोबारा सत्ता में आयी केंद्र की मोदी सरकार से समाज के सभी वर्ग को दूसरी पारी के इस पहले बजट से ढेरों उम्मीद है। सबने अपने अपने हिसाब से अच्छे परिणामों की उम्मीद लगा रखी है। इनमें से किनकी उम्मीद पूरी होगी, किनकी नहीं यह तो शुक्रवार को बजट सामने आने के बाद पता चल सकेगा, लेकिन बजट से पहले सभी की उम्मीदें परवान चढ़ी हुई हैं। अमर उजाला ने समाज के अलग अलग लोगों से बात की तो उनका विचार कुछ इस तरह सामने आया।
दवा व्यवसाई सुधीर बहल ने कहा कि जीएसटी की दरों में सुधार की जरूरत है। जीएसटी को लेकर अभी भी बहुत सारी कठिनाईयां हैं, जिन्हें दूर किए जाने की जरूरत है।
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कपड़ा व्यवसाई कन्हैया प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि बजट में जीएसटी को लेकर निश्चिततौर पर सरकार आसान विकल्प उपलब्ध कराएगी। सरकार की तरफ से इस बारे में विचार किए जाने की खबर सामने आयी है। निश्चिततौर पर सुखद परिणाम देखने को मिलेंगे।
स्वास्थ्यकर्मी आरती ने कहा कि सरकार को बढ़ती महंगाई के मद्देनजर टैक्स स्लैब में और छूट देनी चाहिए। कर्मचारियों ने इस बारे में खासी उम्मीद लगा रखी है। इनकम टैक्स के स्लैब में छूट से बड़ी राहत मिलेगी।
गृहणी रागिनी ने कहा कि महंगाई पर रोक लगाने का इंतजाम सरकार को बजट में करना चाहिए। कोशिश यह हो कि समाज का प्रत्येक वर्ग आसानी से दवा, भोजन व अन्य जरूरी चीजों का प्रबंध आसानी से कर सके।
शिक्षक विनय द्विवेदी ने कहा कि सरकार को पुरानी पेंशन बहाल करनी चाहिए। यह सभी शिक्षकों व कर्मचारियों का वह हक है जिसे दबाया जा रहा है। यह अनुचित व अन्यायपूर्ण है।
युवा मोहम्मद सारिक का कहना था कि सरकार को युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के बेहतर प्रबंध करने चाहिए। सीटों की संख्या बढ़ाए जाने के साथ ही उच्च शिक्षा के नए संस्थान तेजी से खोले जाने का भी प्रबंध करना होगा।
युवा आलोक पाठक का कहना था कि रोजगार के इंतजाम पर सरकार को फोकस करना होगा। चुनाव से पहले युवाओं से रोजगार का जो वायदा किया गया था, उस पर अमल किया जाए।
किसान अवनीश का कहना है था कि सरकार को इस बजट में किसानों को विशेष तरजीह देना चाहिए। यह बजट किसानों को सस्ते दर पर खाद, बीज व बिजली उपलब्ध कराने वाला होना चाहिए। इससे ही किसानों की बेहतरी तय हो सकेगी।
किसान संजय राजभर ने कहा कि उन्नतिशील खेती के लिए सरकार को विभिन्न संसाधनों के अनुदान बढ़ाने चाहिए। किसानों को बेहतर संसाधन मिलेंगे, तभी वह अच्छे ढंग से उपज तैयार कर सकेंगे।
पेंशनर बीपी सिंह ने कहा कि पेंशनरों के लिए टैक्स स्लैब में और छूट दिए जाने की जरूरत है। पेंशनर को ज्यादा से ज्यादा राहत देनी होगी। क्योंकि इस अवस्था में पेंशनर को इलाज आदि के लिए ज्यादा धन की जरूरत होती है।
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