विद्युत शॉर्ट-सर्किट के चलते तरौना बांसगांव में सोते समय एक युवक व एक किशोर आग की लपटों से बुरी तरह घिर गए। लपटें दरवाजे तक पहुंच जाने के चलते वे दरवाजा भी खोल नहीं सके। धुएं के चलते उनका दम घुटने लगा। चीख सुन पहुंचे ग्रामीणों व परिवारीजनों ने शीशा तोड़कर दोनों को कमरे से बाहर निकाला। उन्हें तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया।
काफी देर तक लपटों से घिरे होने की वजह से शैलेंद्र व अभिषेक गंभीर रूप से झुलस गए जबकि शीशा तोड़ने के प्रयास में दोनों को चोटें भी आ गईं। इस घटना में 80 हजार की नकदी राख हो गई जबकि टीवी, फ्रिज, कूलर व लैपटॉप आदि भी फुंक जाने से कुल लगभग तीन लाख रुपए का नुकसान हुआ है।
बीती रात राजेसुल्तानपुुर थाना क्षेत्र के तरौना बांसगांव निवासी राजेंद्र सिंह का भतीजा शैलेंद्र (20) व पौत्र अभिषेक (16) घर के बाहरी हिस्से में स्थित एक कमरे में कूलर चलाकर सो रहे थे। ठंड से बचने के लिए दोनों ने सिर तक रजाई ओढ़ रखी थी। आधी रात के बाद कूलर में हुई विद्युत शॉर्ट-सर्किट के चलते आग लग गई। कूलर से निकलीं लपटें धीरे-धीरे पूरे कमरे में फैल गईं।
दोनों ने सिर तक रजाई ओढ़ रखी थी, इसकी वजह से उन्हें आग लगने का अहसास नहीं हो पाया। कमरे में धुआं भी तेजी से फैलने लगा। इसी बीच रजाई में आग लगने के बाद अभिषेक व शैलेंद्र हड़बड़ा कर उठे तो अंदर का दृश्य देखकर चीख उठे। लपटें तेजी से उठ रही थीं और कमरे में धुआं भर चुका था। वे दोनों दरवाजा खोलने के लिए उसकी तरफ लपके लेकिन तेज लपटें देख पीछे हट गए।
कमरे में फैले धुएं से उनका दम भी घुुटने लगा था। चीख-पुकार के बीच उन्होंने खिड़की को पीटना शुरू कर दिया। यह संयोग ही था कि खिड़की में लोहे की ग्रिल नहीं लगी थी। सिर्फ शीशा ही लगाया गया था। इस बीच चीख-पुकार सुनकर परिवारीजन कमरे की तरफ दौड़े। आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।
युवक व किशोर ने इस बीच शीशे को तोड़ने का प्रयास जारी रखा, तब तक वहां पहुंचे ग्रामीण व परिवारीजन भी शीशा तोड़ने में जुट गए। बड़ी मशक्कत के बाद शीशा तोड़कर दोनों को बाहर निकाला गया। उन्हें आनन-फानन में एक निजी चिकित्सालय ले जाया गया। आग से युवक व किशोर गंभीर रूप से झुलस गए थे।
शीशा तोड़कर बाहर निकलने के प्रयास में भी दोनों को चोटें आयी हैं। उधर मौके पर जुटेे ग्रामीणों ने पहले बाल्टियों के सहारे आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन सफलता न मिलने पर तत्काल पड़ोसी ने अपना मोटर पंप चालू कर दिया।
इसके बाद ग्रामीणों ने अथक प्रयास कर आग पर काबू पाया। तब तक कूलर के अलावा कमरे में रखी फ्रिज, टीवी, टेप रिकार्डर व लैपटॉप समेत कई अन्य सामान्य जलकर राख हो चुके थे। राजेंद्र ने ट्रैक्टर खरीदने को 80 हजार रुपए जुटा रखा था, वह भी आग में स्वाहा हो गया। आग की इस घटना में लगभग तीन लाख रुपए के सामान का नुकसान हुआ है।