जरा सअंबेडकरनगर। करीब 60 गांवों की आबादी हर दिन जान जोखिम में डालकर महरीपुर नहर पर बने उस पुल से होकर गुजरती है, जिसके दोनों तरफ की रेलिंग करीब पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। बीते दो वर्ष से क्षतिग्रस्त रेलिंग की मरम्मत कराने की सुध सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को नहीं है। इसी का नतीजा है कि दो वर्ष में चार बाइक सवार नहर में गिर चुके हैं। यह संयोग ही है कि नहर में गिरने से जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। क्षतिग्रस्त रेलिंग दुरुस्त कराने को लेकर आए दिन संबंधित क्षेत्र के ग्रामीण तहसील प्रशासन से मांग करते चले आ रहे हैं, लेकिन इसे गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
टांडा तहसील क्षेत्र के टांडा केदारनगर संपर्क मार्ग पर स्थित मखदूमसराय गांव के बाहर से होकर गुजरने वाली महरीपुर पंपनहर पर करीब 20 मीटर लंबा पुल बना है। पुल का प्रयोग करीब 60 गांवों के ग्रामीण आवागमन में करते हैं। हर दिन करीब 12 हजार लोग इस पुल से होकर गुजरते हैं। पुल के दोनों तरफ की रेलिंग करीब दो वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त हो गई थी। ऐसे में पुल हर समय बड़ी घटना को दावत देता है।
हर दिन जान जोखिम में डालकर लोग इस पुल का प्रयोग आवागमन के लिए करते हैं। रेलिंग निर्माण की मांग समय-समय पर न सिर्फ सिंचाई विभाग, बल्कि तहसील प्रशासन से भी ग्रामीण करते हैं, लेकिन इसके निर्माण को लेकर अब तक गंभीरता नहीं दिखाई जा सकी
बीते दो वर्षों में चार बाइक सवार अनियंत्रित होकर नहर में गिर चुके हैं। यह संयोग ही रहा कि ग्रामीणों ने उन्हें सही सलामत निकाल लिया। करीब छह माह पूर्व टांडा तहसील क्षेत्र के खासपुर निवासी जुबेर अहमद बाइक से अमेदा जाते समय पुलिया के पास नहर में गिर गया। आसपास के लोगों ने उसे बाहर निकाला। उसे चोटें भी आईं,
मखदूमसराय निवासी सुरेंद्र त्रिपाठी व संजय वर्मा ने कहा कि रेलिंग का निर्माण न होने से हर समय इस पुल से गुजरने वालों की जान खतरे में रहती है। इसके निर्माण के लिए कई बार शिकायती पत्र सिंचाई विभाग को दिया गया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लालजी, ओमप्रकाश व गिरिजाशंकर ने कहा कि लगता है कि जिम्मेदार अधिकारियों को किसी बड़ी घटना का इंतजार है। कहा कि सिर्फ सिंचाई विभाग से ही नहीं, बल्कि टांडा तहसील प्रशासन से भी निर्माण कराने की मांग की गई, लेकिन कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया जा सका है। ऐसे में लोगों को जान जोखिम में डालकर पुल से गुजरना पड़ रहा है।
शासन को भेजा गया पत्र
पुल की रेलिंग क्षतिग्रस्त होने की जानकारी है। इसके निर्माण के लिए शासन को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कराया जाएगा।
- बीसी लाल, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई विभाग, टांडा