प्रांतव्यापी आह्वान पर जिले की सभी तहसीलों में कार्य बहिष्कार करते हुए लेखपालों ने मंगलवार को अकबरपुर तहसील परिसर में धरना दिया। लेखपालों ने मुख्य रूप से ग्रेड पे बढ़ाने तथा लेखपाल संवर्ग का काडर फिर से जनपदस्तरीय करने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगे जल्द न मानीं गईं तो वे सब 30 अगस्त को विधानसभा लखनऊ का घेराव करने को विवश होंगे तहसील परिसर में आयोजित धरने में जिलाध्यक्ष रामचरन दुबे ने कहा कि लंबे समय से लेखपाल अपने हक की आवाज उठा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने वेतन विसंगति दूर करने की आवाज उठाते हुए कहा कि लेखपालों का ग्रेड पे बढ़ाकर 2800 रुपये करना चाहिए। लेखपाल संवर्ग का काडर फिर से जनपदस्तरीय करते हुए स्थानांतरण नीति में संशोधन पर जोर दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि लेखपालों की पदोन्नति के लिए राजस्व निरीक्षक के नए पद सृजित किए जाएं।
ऐसा न होने से लेखपालों का हक मारा जा रहा है। जिलामंत्री शिवबहादुर सिंह ने कहा कि लेखपालों को विभिन्न योजनाओं के कुशल संचालन के लिए अविलंब लैपटॉप दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने शासन द्वारा लेखपालों के हित को लेकर सकारात्मक कदम न उठाने पर नाराजगी जताई।
कहा कि लेखपाल पूर्ण निष्ठा से जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सरकार की तरफ से उनकी जायज मागें नहीं मानी गईं, तो वे सब प्रदेश के अन्य जिलों के लेखपालों के साथ मिलकर 30 अगस्त को विधानसभा लखनऊ का घेराव करने को विवश होंगे।
धरने को प्रज्वलित कुमार, हरिश्चंद्र वर्मा, जयदेव पाण्डेय, विजय बहादुर यादव, रामसुधार, दीपनरायन शुक्ल, अमजद अली, रामनरायन, सुभाष कुमार व रामशेष वर्मा आदि ने संबोधित किया। बाद में छह सूत्री मागों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा गया।