वर्ष 2012-13 में 3.83 करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बावजूद 32 कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल में 18 का ही निर्माण हो सका है। शेष का निर्माण कार्य पूर्ण करने को लेकर कार्यदायी संस्था ने गंभीरता नहीं दिखाई। मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद अखिलेश यादव ने कब्रिस्तान बाउंड्रीवाल निर्माण योजना का शुभारंभ किया था।
इसके तहत जिले में वर्ष 2012-13 में 32 कब्रिस्तानों का चयन बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए किया गया। निर्माण की जिम्मेदारी सीएण्डडीएस को सौंपी गई। निर्माण के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को तीन करोड़ 83 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए।
धनराशि कम होने का हवाला देकर कब्रिस्तानों की संख्या घटाकर 21 कर दी गई। इसके बाद भी अब तक तीन की बाउंड्रीवाल का निर्माण पूर्ण नहीं हो सका। वर्ष 2013-14 में 23 नए तथा वर्ष 2012-13 के शेष 11 कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए शासन से विभाग को 3.14 करोड़ लाख 96 हजार रुपये उपलब्ध कराए गए लेकिन कार्यदायी संस्था ने अब तक निर्माण प्रारंभ नहीं कराया।
वर्ष 2014-15 में 25 कब्रिस्तानों का चयन बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए किया गया। इसके लिए विभाग को 2 करोड़ 9 लाख 77 हजार रुपये भी मिले। इनमें से किसी भी बाउंड्रीवाल का निर्माण प्रारंभ नहीं हो सका है। प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अश्विनी कुमार के मुताबिक चयनित कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल के निर्माण की जिम्मेदारी शासन से सीएण्डडीएस को दी गई है। कार्यदायी संस्था की लापरवाही संबंधित रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।