गरीबों को ठंड से बचाने के लिए शासन ने आवश्यक पहल शरू कर दी है। जिले की पांचों तहसीलों के गरीबों में कंबल वितरित करने व अलाव जलाने के लिए शासन ने इस बार 27 लाख 50 हजार रुपये जिला प्रशासन के खाते में भेज दी है। शासन ने कंबल के मानक का भी निर्धारण किया है।
शासन के दिशा-निर्देश के मुताबिक 25 लाख रुपये से जिले की पांचों तहसीलों के गरीबों में कंबल का वितरण होगा। प्रत्येक तहसील को जल्द ही पांच-पांच लाख रुपये के कंबल उपलब्ध करा दिए जाएंगे। ग्राम व नगर स्तरीय अधिकारियों द्वारा गरीबों व जरूरतमंदों को चिह्नित करने का काम भी शुरू हो गया है। जल्द ही गरीबों की सूची तैयार कर ली जाएगी। इसके अलावा शासन ने दो लाख 50 हजार रुपये की रकम तहसीलों में अलाव जलाने के लिए भेजी गई है।
प्रशासन द्वारा प्रत्येक तहसील को 50-50 हजार रुपये की रकम भेज दी गई है। ताकि संबंधित तहसील क्षेत्र के सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त संख्या में अलाव जल सके। कंबल वितरण कार्य में किसी प्रकार का व्यवधान न हो इसके लिए भी शासन ने धन आवंटित करने के साथ ही आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रशासन को दिया है।
कहा गया है कि कंबल की खरीद उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम लिमिटेड, यूपिका उत्तर प्रदेश खाद्य एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा वित्त पोषित एवं प्रमाणित संस्थाओं, श्री गांधी आश्रम, उत्तर प्रदेश हस्तशिल्प विकास एवं विपणन निगम, लघु एवं कुटीर व हथकरघा उद्योग के माध्यम से ही की जाए।
साथ ही कंबल के मानक को भी तय कर दिया गया है। कहा गया है कि एक कंबल का मूल्य 500 रुपये से अधिक न हो। कंबल की लंबाई 235 सेंमी, चौड़ाई 140 सेंमी व वजन 2 किलो 200 ग्राम से कम न हो। कंबल में ऊन की मात्रा कम से कम 70 प्रतिशत अवश्य हो।