अकबरपुर में भाजपा कार्यालय पर जिलाध्यक्ष के साथ बैठक करते पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
टिकट वितरण में मनमानी व पैसे के लेनदेन का आरोप लगाते हुए भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जिला कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। जिलाध्यक्ष का घेराव करते हुए कहा गया कि यहीं से पैनल में कई नाम नहीं भेजे गये, जिसके चलते जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं की अनदेखी हुई। वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप पर किसी तरह मामला शांत हो सका।
प्रदेश में टिकट वितरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर चली आ रही खींचतान का असर यहां भी दिखाई पड़ा। सभी पांच विधानसभा सीटों के लिए टिकट की घोषणा के बाद असंतोष का जो मामला दबा हुआ था, वह बुधवार को जिला कार्यालय पर हुई बैठक में उभर आया।
कई भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने बैठक के दौरान पैसे लेकर टिकट दिए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कई विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के खांटी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई। भाजपा नेताओं ने कहा कि जिले से पैनल बनाकर भेजे जाने में स्थानीय व सक्रिय कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई। यह कत्तई उचित नहीं हैै।
आक्रोशित भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष का घेराव कर उनसे स्पष्टीकरण मांगना शुरू कर दिया। इससे बैठक में कुछ देर तक हंगामे व तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। मामला मारपीट की तरफ बढ़ने लगा कि तभी वरिष्ठ नेताओं ने हस्तक्षेप कर माहौल शांत कराया। इसके बाद भी बैठक में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
बैठक में प्रदेश कार्य समिति सदस्य लीलावती वर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भारती सिंह, रमाशंकर सिंह, ओमप्रकाश उपाध्याय, रामचंदर उपाध्याय, अजय सिंह, गयाप्रसाद वर्मा व अजय तिवारी आदि मौजूद रहे। उधर, जिलाध्यक्ष शिवनायक वर्मा ने घेराव व हंगामे से इंकार किया। कहा कि टिकट वितरण के बाद स्वाभाविक तौर पर कुछ दावेदारों को शिकायत रहती है। पार्टी के भीतर सभी स्थितियों को लेकर ज्यादातर समय सौहार्द्रपूर्ण माहौल में बातचीत हुई।