मथुरा कांड को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट के निकट प्रदर्शन किया। इसमें कहा गया कि राज्य सरकार की नाकामी के चलते ही मथुरा कांड में देश ने दो जाबांज पुलिस अफसरों को खो दिया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की सीबीआई जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन में प्रदेश सरकार को अविलंब बर्खास्त करने की मांग की गई। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष शिवनायक वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की लापरवाही के चलते ही दो वर्ष से जवाहर बाग में रामवृक्ष ने कब्जा कर रखा था।
प्रारंभ में मात्र 500 लोग ही थे, लेकिन उस समय कार्रवाई न करने के चलते ही जवाहर बाग में कब्जा करने वालों की संख्या बढ़कर 5 हजार हो गई। जवाहरबाग में हथियार कहां से आए, बिजली व पेयजल सप्लाई क्यों और किन परिस्थितियों में की इसकी जांच की जानी चाहिए।
पूर्व विधान परिषद सदस्य रामनरेश रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार के एक मंत्री की शह पर ही रामवृक्ष के हौसले बुलंद थे और वह प्रदेश सरकार के समानांतर सरकार चला रहा था। जिस प्रकार से गोरिल्ला ढंग से उसने पुलिस टीम पर हमला किया, वह अत्यंत चिंताजनक है। पुलिस के हाथ किसने बांध रखे थे, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष दिनेश पांडेय व रमाशंकर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की नाकामी का ही नतीजा रहा कि देश ने दो बहादुर जाबांज अफसरों को खो दिया। यदि ठीक तरीके से तैयारी की गई होती, तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी। वक्ताओं ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की।
चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही सीबीआई जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. राजितराम त्रिपाठी, ज्ञानसागर, रामप्रकाश्, भारती सिंह, ज्ञानेंद्र पांडेय, नीतू तिवारी, अमर नाथ सिंह, हरीश शुक्ल, श्यामबाबू, दुर्गा प्रसाद, अरविंद, मनोज गुप्ता मौजूद रहे।