जिले के सरकारी व सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की बायोेमीट्रिक हाजिरी की कोशिश शुरूआत में ही धराशायी हो गई। शासन-प्रशासन की हिदायत के बावजूद 25 जुलाई तक सिर्फ चार कॉलेजों में ही बायोमीट्रिक मशीन लगाई जा सकी। 84 कॉलेजों में बायोमीट्रिक हाजिरी की अभी तक व्यवस्था नहीं हो पाई है।
प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्कूल-कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए बायोमीट्रिक मशीन से शिक्षकों की हाजिरी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। सरकारी व सहायता प्राप्त कॉलेजों में शिक्षकों की लेटलतीफी के चलते बच्चों शिक्षा पर असर पड़ने की शिकायतें काफी समय से उच्चाधिकारियों को मिल रही थीं।
इसे मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लेते हुए सरकारी व सहायता प्राप्त कॉलेजों में बायोमीट्रिक मशीन लगाने का निर्देश दिया। जिले में 352 सरकारी व गैरसरकारी इंटर कॉलेज हैं। इनमें 28 सरकारी, 60 सहायता प्राप्त व 264 वित्तविहीन हैं। इन कॉलेजों में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए पांच हजार से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं तैनात हैं।
सरकारी व सहायता प्राप्त 88 कॉलेजों में 25 जुलाई तक शिक्षकों की हाजिरी बायोमीट्रिक के जरिए लगाने का इंतजाम करने के निर्देश थे। मंगलवार तक जय बजरंग इंटर कॉलेज रामनगर व एसबी नेशनल इंटर कॉलेज बसखारी समेत चार विद्यालयों में ही बायोमेट्रिक मशीन लग सकी है। शेष में मशीन की व्यवस्था ही नहीं हो पाई।
इसके बावजूद डीआईओएस ने मात्र एक बार ही संबंधित विद्यालयों को पत्र भेजकर बायोमीट्रिक मशीन लगाए जाने का निर्देश दिया था। बायोमीट्रिक मशीन से हाजिरी की व्यवस्था का मंगलवार को अमर उजाला टीम ने विद्यालयों का जायजा लिया।