मालीपुर के बेलऊआ बरियारपुर निवासी मृतक फूलचंद के घर के बाहर मौजूद परिजन व अन्य। संवाद
सद्दरपुर। मालीपुर क्षेत्र में साले की बरात से लौट रहे फूलचंद (47) की बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसे में ने फूलचंद की मौत हो गई, जबकि बाइक पर बैठीं उनकी दो बेटियां गोल्डी और शालिनी घायल हो गईं। यह घटना शनिवार की रात करीब 12 बजे सलहदीपुर के आजनपारा मोड़ के पास हुई।
मालीपुर के बेलऊआ बरियारपुर निवासी मृतक की बेटी डाली के मुताबिक उनके पिता फूलचंद (47) शनिवार की दोपहर जलालपुर के हैदराबाद उनके मामा की शादी में गए थे। शादी समारोह समाप्त होने के बाद जलालपुर-मालीपुर मार्ग के रास्ते बाइक से मालीपुर स्थित अपने घर लौट रहे थे। उनके साथ बहन गोल्डी (20) और शालिनी (18) भी थीं।
रात करीब 12 बजे आजनपारा मोड़ के पास पहुंचे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक से बचने की कोशिश में बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक पेड़ से टकराने के बाद उछलकर कुछ दूरी पर रखे ईंटों से भी जा भिड़ी। हादसे में पिता फूलचंद ईंट से जा टकराए और गोल्डी व शालिनी सड़क पर दूर जा गिरीं। हेलमेट न पहने होने के कारण पिता के सिर में गंभीर चोटें आ गई। जबकि उनकी गोल्डी व शालिनी को मामूली चोंटें आईं।
दुर्घटना की जानकारी राहगीरों व स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। कुछ ही देर में वहां पहुंची एंबुलेंस की मदद से घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने फूलचंद को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। फूलचंद अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे और दैनिक मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके निधन से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पति की मौत की खबर सुनते ही पत्नी प्रतिमा देवी बेसुध हो गईं। थानाध्यक्ष स्वतंत्रदेव मौर्य ने बताया कि हेलमेट न पहने से सिर में गंभीर चोट लगने से मौत हुई है।
बेटी की शादी की थी तैयारी
पांच संतानों में फूलचंद केवल अपनी बड़ी बेटी नेहा का ही विवाह करा सके थे। दूसरे नंबर की बेटी गोल्डी बीए की छात्रा है। वहीं तीसरे नंबर की बेटी शालिनी ने इस बार इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की है। बेटे अभिषेक और अंश भी पढ़ाई कर रहे हैं। परिजनों के मुताबिक फूलचंद बेटी गोल्डी के विवाह की तैयारी के लिए रुपये एकत्र करने के साथ ही अच्छे वर की तलाश में रिश्तेदारों के संपर्क में भी थे, लेकिन विधि को कुछ और ही मंजूर था। सड़क हादसे में उनकी मौत के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में हैं।