अकबरपुर के कटारिया याकूबपुर में बना कंपोजिट विद्यालय। संवाद
अंबेडकरनगर। मलिन बस्ती के बच्चों के जीवन में शिक्षा का उजियारा फैलाने के लिए शहर के याकूबपुर में दो मंजिला कंपोजिट विद्यालय का भवन बनवाया गया। कागजी दांवपेंच में ये ऐसा फंसा कि इसका संचालन शुरू नहीं हो सका। अब भवन जर्जर भी हो गया है। हालांकि, अभी भी कॉलोनी के लोगों ने विद्यालय में शिक्षण कार्य शुरू होने की उम्मीद बांध रखी है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2012 में अकबरपुर नगर के कटरिया याकूबपुर में कंपोजिट विद्यालय की स्थापना के लिए शासन ने अनुमति दी थी। इसके बनने के पीछे उद्देश्य था कि बगल में बसी कांशीराम काॅलाेनी के बच्चे इसमें शिक्षा ग्रहण करेंगे। इसके निर्माण के लिए शासन ने कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस यूनिट-21 उत्तर प्रदेश जलनिगम अयोध्या को मंजूरी दी थी। इसके साथ ही 41 लाख रुपये भी जारी किए। दो वर्ष में दो तल का भवन तैयार हो गया। कार्यदायी संस्था ने अंतिम किस्त के रूप में 4.5 लाख रुपये की मांग की। इसी के बाद पेंच फंस गया। धन न मिलने से कार्य रोक दिया गया। भवन में दरवाजे खिड़कियां नहीं लग पाईं।
कार्य अधूरा होने से बेसिक शिक्षा विभाग ने इसको लेने से मना कर दिया। विभाग को हैंडओवर न होने से इसमें पढ़ाई भी नहीं शुरू हो पाई। कुल मिलाकर साढ़े चार लाख के चक्कर में 41 लाख रुपये की लागत से बना भवन जर्जर हो गया। अब यह मरम्मत के लायक हो चुका है।
मौजूदा समय में यहां के स्थानीय निवासी इसे अपने उपयोग में ले रहे हैं। काॅलोनी के रामकुमार कहते हैं कि विद्यालय बना तो सोचा था बच्चों को बगल में ही शिक्षा मिलेगी। राम जियावन ने कहा कि इसके शुरू न होने से मलिन बस्ती के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी भोलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जल्द ही इसकी फाइल की जांच कराकर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।