अकबरपुर के बरियावन-किछौछा मार्ग पर पड़ा मलबा। संवाद
अंबेडकरनगर। अकबरपुर के बरियावन बाजार में कीमती जमीन पर कब्जे के लिए 11 घर-दुकानों को जेसीबी से ढहाने के मामले में छह लोग पुलिस के रडार पर हैं। इनमें जमीन के खरीदारों से लेकर ध्वस्तीकरण में मदद करने वाले रसूखदार शामिल हैं। गोरखपुर और बस्ती में दबिश देकर टीमें लौट आई हैं। अब अयोध्या के साथ सम्मनपुर, जलालपुर और अकबरपुर क्षेत्र में संदिग्धों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने मुखबिरों का नेटवर्क भी सक्रिय कर दिया है।
बरियावन-किछौछा मार्ग पर 20 सितंबर की रात 50 से अधिक बदमाशों ने तीन जेसीबी लगाकर 11 घरों व दुकानों को ध्वस्त कर दिया था। मामले में सीओ सिटी नितीश कुमार तिवारी को हटाया जा चुका है। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह समेत चार पुलिस कर्मियों और एक लेखपाल को निलंबित किया गया, जबकि दो पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है।
मुख्य साजिशकर्ता इंद्रजीत वर्मा और राहुल चौधरी समेत 10 आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। अब घटना में शामिल अन्य साजिशकर्ताओं और मददगारों की तलाश की जा रही है। जांच में सामने आया कि इंद्रजीत ने पिछले वर्ष अक्तूबर में जमीन खरीदने के बाद पहला बैनामा पूजा वर्मा और ब्रजेश वर्मा के नाम किया था। इसके बाद एक-एक कर पांच और बैनामे किए गए। आखिरी जमीन का 15 सितंबर को मसूदपुर, जलालपुर निवासी रणदीप वर्मा के साथ बेचने का अनुबंध हुआ था। इसके बाद ही ध्वस्तीकरण की घटना हुई।
इसी वजह से पुलिस जमीन खरीदने वालों की भूमिका की भी जांच कर रही है। कुछ खरीदारों के घटना में शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं। आसपास के थानों की पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा है।
टीमें दे रहीं दबिश
बरियावन के मामले में पुलिस की अलग-अलग टीमें दबिश दे रही हैं। कई संदिग्ध रडार पर हैं जिनकी तलाश की जा रही है। जल्द ही इसमें शामिल अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
- अरुण कुमार नौहवार, सीओ सिटी