जश्न-ए-नबूव्वत व इमामत में नातिया कलाम पढ़ते अकीदतमंद
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। नगर के उस्मानपुर स्थित बारगाह-ए-मेहंदिया में रविवार रात अंजुमन जुल्फिकार-ए-हैदरी के तत्वावधान में जश्न-ए-नबूव्वत व इमामत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर सहित विभिन्न स्थानों से पहुंचे अंजुमनों ने नातिया कलाम पेश कर माहौल को रूहानी रंग में रंग दिया।
कार्यक्रम का आगाज मास्टर अकबर अब्बास की ओर से तिलावत-ए-कलाम पाक से हुआ। इसके बाद अंजुमन गुंचा-ए-जाफरिया, अंजुमन मजलूमियां, अंजुमन मासूमिया, अंजुमन पंजतनी, अंजुमन अजादार-ए-हुसैनी, अंजुमन अकबरिया और अंजुमन गुंचा-ए-इमामिया ने हजरत मोहम्मद साहब व इमाम जाफर-ए-सादिक अलैहिस्सलाम की शान में नातिया कलाम पेश किया। मौलाना नय्यर जुलकरनैन ने अपने संबोधन में कहा कि हजरत मोहम्मद मुस्तफा पूरी इंसानियत के लिए रहमत बनकर आए। उनके आगमन से पूर्व समाज में फैली अज्ञानता, कुरीतियां और सामाजिक बुराइयां दूर हुईं। उन्होंने महिलाओं को सम्मानजनक स्थान दिलाने के साथ मानवता का संदेश दिया। मौलाना मोहम्मद असगर ने इमाम जाफर सादिक अलैहिस्सलाम के जीवन और उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इमाम जाफर सादिक की शिक्षाएं आज भी इंसानियत के लिए मार्गदर्शक हैं।