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बैंक हड़ताल से 10 करोड़ का कारोबार ठप

Fri, 08 Jan 2016 10:19 PM IST
अंबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूराे
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ऑल इंडिया बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन तथा स्टेट सेक्टर बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर स्टेट बैंक व ग्रामीण बैंक को छोड़कर अन्य बैंकों के कर्मचारी शुक्रवार को एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। बैंकों में तालाबंदी के बीच धन निकासी व धन जमा करने को लेकर उपभोक्ताओं को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जानकारी न होने की वजह से बैंकों तक पहुंचे हजारों उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा। हड़ताल के चलते लगभग 10 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
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स्टेट बैंक आफ इंडिया के सहयोगी बैंकों में श्रमिक विरोधी नीतियों के विरुद्ध प्रांतीय आह्वान पर शुक्रवार को स्टेट बैंक की 20 व ग्रामीण बैंक की 40 शाखाओं को छोड़कर अन्य बैंकों, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक आफ बड़ौदा, केनरा बैंक, सिंडीकेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, सेंट्रल बैंक, कारपोरेशन बैंक, एचडीएफसी, यूनियन बैंक, ऐक्सिस बैंक सहित अन्य बैंकों की 104 शाखाओं के कर्मचारियों ने अपनी-अपनी शाखा के समक्ष प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एस उपाध्याय ने कहा कि द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन किया जा रहा है। इसे रोके जाने की जरूरत है। कहा कि सेवा शर्तों को एकतरफा तरीके से थोपना बंद किया जाए, सामूहिक सौदेबाजी की पवित्रता को बनाए रखा जाए, अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पर आईबीए/सरकार के दिशा-निर्देशों को लागू किया जाए तथा लंबित मांगों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की अब और उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जब भी अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी आवाज बुलंद करते हैं, तो आश्वासन देकर उन्हें शांत कर दिया जाता है। अब आश्वासन नहीं, बल्कि मांगों के निस्तारण से ही बात बनेगी। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। इस दौरान रमाकांत पांडेय, रणजीत कुमार, फूलचंद्र, एससी श्रीवास्तव, एसबी यादव आदि मौजूद रहे।
 
उधर बैंकों में हड़ताल के चलते धन निकासी व जमा करने के लिए उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ा। हड़ताल के चलते कोई काम न होने से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। बैंक ऑफ बड़ौदा में धन जमा करने पहुंचे अकबरपुर के रामआशीष व शहजादपुर के मोहम्मद इसलाम ने कहा कि वे धनराशि     जमा करने के लिए बैंक आए थे, लेकिन हड़ताल की जानकारी होने पर उन्हें लौटना पड़ रहा है। यूनियन बैंक के बाहर मिले उपभोक्ता संतोष, जगदीश व संजय ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हड़ताल संबंधित नोटिस पहले से ही बैंक के बाहर लगा देना चाहिए था। ऐसा होने से कम से कम उपभोक्ताओं को इधर-उधर की दौड़ तो न लगानी पड़ती। उधर बैंकों में हड़ताल के चलते लगभग 10 करोड़ रुपये का लेन-देन का कार्य प्रभावित हुआ।
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