अंबेडकरनगर। बैंक कर्मचारियों की शुक्रवार को हुई देशव्यापी हड़ताल का असर जिले में भी व्यापक रहा। करीब 200 बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहने से लगभग 500 करोड़ रुपये का बैंकिंग लेनदेन प्रभावित हुआ। हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार का अवकाश होने के कारण बैंक लगातार तीन दिन बंद रहेंगी। इससे ग्राहकों को नकदी जमा-निकासी, चेक निस्तारण समेत अन्य बैंकिंग कार्यों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि डिजिटल बैंकिंग और एटीएम सेवाएं चालू रहने से लोगों ने जरूरी काम निपटाए।
संयुक्त बैंक कर्मचारी मंच के आह्वान पर बैंक अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। टांडा मार्ग स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा परिसर में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों आशुतोष सिंह, अरुण तिवारी और अजय मौर्य ने कहा कि मार्च 2024 के वेतन समझौते में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की संख्या लगातार कम हो रही है, जबकि कार्यभार और व्यावसायिक दबाव बढ़ता जा रहा है। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को काम और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन बनाने का अवसर मिलेगा। साथ ही बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता और कार्यक्षमता में भी सुधार होगा।
कर्मचारियों ने कार्य-प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना को पारदर्शी बनाने और सभी कर्मचारियों के हितों के अनुरूप लागू करने की मांग की। हड़ताल के चलते बैंक शाखाओं में नकदी जमा-निकासी, चेक निस्तारण और अन्य कार्य प्रभावित रहे। हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं और एटीएम सामान्य रूप से चलते रहे।
भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर भी कर्मचारियों ने प्रदर्शन और जुलूस निकालकर पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग की। भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय सचिव राजीव शुक्ला ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था समय की जरूरत है। कर्मचारियों के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी प्रोत्साहन व्यवस्था भी लागू की जानी चाहिए।
बैंक कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
क्या कहते हैं उपभोक्ता
बैंक लगातार तीन दिन बंद रहने से सबसे ज्यादा परेशानी आम ग्राहकों को होती है। जरूरी रकम निकालने, जमा करने और अन्य बैंकिंग कार्यों के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। - दिलीप यादव
बैंक बंद होने की जानकारी पहले से होने के बावजूद अचानक जरूरी बैंकिंग काम अटक जाते हैं। सरकार और बैंक संगठनों को कर्मचारियों की मांगों का समाधान बातचीत के माध्यम से निकालना चाहिए। - अतुल सोनी